
शिक्षा विभाग को बड़ा झटका, लेक्चरर पदोन्नति प्रक्रिया पर High Court की रोक
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने हेडमास्टर प्राथमिक से लेक्चरर पद पर पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने 22 दिसंबर 2025 को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की कार्रवाई को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला
याचिकाकर्ता बृजेश मिश्रा समेत अन्य की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया कि वे वर्ष 2010 से हेडमास्टर प्राथमिक के पद पर कार्यरत हैं। 1 जनवरी 2022 को हुई डीपीसी में उन्हें लेक्चरर पदोन्नति के लिए योग्य पाया गया था, लेकिन कुछ मामलों के लंबित होने के कारण पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो सका। 9 मार्च 2023 को उन मामलों का अंतरिम निराकरण हो गया, इसके बाद पदोन्नति में कोई कानूनी बाधा शेष नहीं रही। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने 2022 की डीपीसी को लागू नहीं किया।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया कि वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दिए बिना ही नया नियम लागू कर दिया गया। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 का उल्लंघन करते हुए 22 दिसंबर 2025 को नई डीपीसी आयोजित की गई, जिसमें केवल शिक्षक एलबी संवर्ग को शामिल किया गया और ई संवर्ग के नियमित कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया।

हाईकोर्ट का रुख
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए डीपीसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया फिलहाल ठप हो गई है। अब इस मामले में हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर शिक्षा विभाग और पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों शिक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।
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