
सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों के ऑनलाइन सट्टे का मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार
अंबिकापुर | छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में ऑनलाइन सट्टे का काला साम्राज्य चलाने वाले मास्टरमाइंड आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा के अंत का समय आ गया है। सरगुजा पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के तहत फरार सट्टा किंग को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी बीते डेढ़ से दो साल से फरार था और न्यायालय ने उसे ‘भगोड़ा’ घोषित कर स्थायी वारंट जारी किया था।
13 साल का ‘जनता से रिश्ता’ अभियान रंग लाया
ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ ‘जनता से रिश्ता’ द्वारा चलाए जा रहे निरंतर अभियान और खबर का बड़ा असर हुआ है। करोड़ों के इस खेल का पर्दाफाश करने वाली रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर सट्टा नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया है।
ऐसे हुआ ‘सट्टा किंग’ का खुलासा
यह पूरा मामला मई 2024 में तब शुरू हुआ जब अंबिकापुर सीएसपी की टीम ने जयस्तंभ चौक के पास एक घर में छापा मारा था। वहां ‘स्काई एक्सचेंज’ प्लेटफॉर्म के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाया जा रहा था। उस दौरान पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ा था, लेकिन मुख्य आरोपी आयुष सिन्हा भागने में सफल रहा था।

म्यूल अकाउंट्स और करोड़ों का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि आयुष सिन्हा भोले-भाले लोगों के आधार कार्ड का उपयोग कर म्यूल अकाउंट (फर्जी बैंक खाते) खुलवाता था। इन खातों के जरिए सट्टे के करोड़ों रुपयों का लेनदेन किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में जालसाजी (धारा 467, 468) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
पुणे से अंबिकापुर तक का ‘ट्रांजिट रिमांड’
सरगुजा एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर गठित टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आयुष की लोकेशन पुणे में ट्रेस की। सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में साइबर सेल ने पुणे में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अंबिकापुर लाया गया है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और अवैध कमाई के निवेश के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है।
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