
सुरक्षा लापरवाही उजागर: Bhilai Steel Plant में ठेका श्रमिक को झुलसे पैर, तीन महीने बाद FIR दर्ज
जून 2025 के उस हादसे में प्रबंधन को मिली मिलीभगत?
भिलाई स्टील प्लांट में स्थित Utkal Project Private Limited के ठेका श्रमिक Lukesh Patil (39 वर्ष) को 25 जुलाई 2025 को सुबह करीब 8:30 बजे गैस पाइपलाइन जॉइंट पर डमी हटाते समय दोनों पैर झुलसने की शिकायत के साथ अस्पताल ले जाना पड़ा था।
उक्त कार्यस्थल हादसे के बाद तीन महीने गुज़रने के बाद अब Durg Police ने इस मामले में FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

घटना की विस्तार
लुकेश पिछले करीब एक वर्ष से ठेके पर उक्त प्रोजेक्ट में कार्यरत थे।
उन्हें मैकेनिकल विभाग के वन-टॉप बैटरी नंबर 5-6 में गैस पाइपलाइन जॉइंट में कार्यसाधन (डमी) हटाने का काम सौंपा गया था।
घटना के समय, सुपरवाइजर के निर्देश पर जैक की सहायता से पाइप में गेप बनाया जा रहा था। उसी दौरान गर्म और ज्वलनशील पदार्थ गिरने से लुकेश खड़े थे और दोनों पैर झुलस गए।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। लुकेश ने प्रबंधन पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराने और लापरवाही का आरोप लगाया है।
कानूनी कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने इस प्रकरण में बीएसपी प्रबंधन और ठेका कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(ए) और 287 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
थाना प्रभारी भट्टी ने बताया कि यह मामला औद्योगिक सुरक्षा व श्रमिक अधिकारों के दृष्टिकोण से गंभीर है। उच्चाधिकारियों व सुपरवाइज़रों से पूछताछ जल्द की जाएगी।
क्या संकेत मिलते हैं?
कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं होना – जो कि गैस-पाइपलाइन जैसे खतरनाक माहौल में बेहद आवश्यक होता है।
ठेका श्रमिकों को अक्सर मूल कॉन्ट्रैक्ट कंपनी व ठेका एजेंसी के बीच फँसा हुआ पाया जाता है, जहाँ जिम्मेदारी अस्पष्ट हो सकती है।
घटना के बाद लुकेश ने शिकायत की, लेकिन तीन महीने तक प्रबंधन या सुरक्षा विभाग से संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई — यह समय-अभाव भी प्रश्न खड़े करता है।
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