
Bhilai के प्रख्यात निवासी खेलन साहू ने लिया देहदान का नेक संकल्प, समाज के लिए बनी प्रेरणा
दुर्ग, 11 सितंबर 2025: मानवता की सेवा और सामाजिक कल्याण के प्रति समर्पित भिलाई के स्टेशन मरोड़ा क्षेत्र के प्रसिद्ध निवासी खेलन साहू ने एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए अपने देहदान का संकल्प लिया है। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद अपने शरीर को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए दान करने की औपचारिक वसीयत तैयार की, जिसे उन्होंने नवदृष्टि फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य कुलवंत भाटिया और जितेंद्र हासवानी को सौंप दिया। यह घटना न केवल खेलन साहू के उदार हृदय को दर्शाती है, बल्कि देहदान जैसे महान कार्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस भावुक समारोह में खेलन साहू के परिवार के सदस्यों ने उनका साथ दिया। उनकी पत्नी श्रीमती विमला साहू, पुत्र परमेश्वर साहू, बहु पार्वती, पौत्र गणेश, पौत्री तारिणी, बबिता तथा उनके निकट मित्र बी एस ध्रुव ने वसीयत पर साक्ष्य के रूप में हस्ताक्षर किए। परिवार के सभी सदस्यों ने इस निर्णय का पूर्ण समर्थन किया, जो दर्शाता है कि खेलन साहू का परिवार भी सामाजिक सेवा के प्रति उत्साही है। समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने खेलन साहू की इस पहल की खूब सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
देहदान की घोषणा करते हुए खेलन साहू ने भावुक स्वर में कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरे जाने के बाद मेरी आंखों से दो जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिले। साथ ही, भविष्य के डॉक्टरों और चिकित्सा छात्रों को रिसर्च व शिक्षा के लिए मेरा मृत शरीर (कैडेवर) उपलब्ध हो। इससे मेरा मानव जीवन सार्थक हो जाएगा।” उनके शब्दों में निहित निस्वार्थ भावना ने उपस्थितजनों को गहराई से प्रभावित किया। खेलन साहू, जो स्थानीय स्तर पर एक सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं, ने बताया कि वे लंबे समय से देहदान के महत्व को समझते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके जीवन के अनुभवों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित है।

नवदृष्टि फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया दी। फाउंडेशन के सदस्य यतीन्द्र चावड़ा ने कहा, “खेलन साहू जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति का यह निर्णय पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। स्टेशन मरोड़ा क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए, आसपास के लोग अब देहदान के प्रति अधिक जागरूक होंगे। यह कदम न केवल चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करेगा।” वहीं, जितेंद्र हासवानी ने फाउंडेशन के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, “नवदृष्टि फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में देहदान और नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है। हम नियमित जागरूकता शिविरों, सेमिनारों और व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से लोगों की सोच बदलने का प्रयास कर रहे हैं। खेलन साहू जैसे स्वतः आगे आने वाले व्यक्तियों से हमें सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। अब तक फाउंडेशन ने सैकड़ों लोगों को इस दिशा में प्रेरित किया है, और हम आशा करते हैं कि यह संख्या और बढ़ेगी।”
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