
Bhilai इस्पात संयंत्र में ट्रकों की आवाजाही बाधित, उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर प्रभाव
25 सितंबर 2025,
भारत सरकार के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम, भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी), पिछले तीन दिनों से गंभीर व्यवधान का सामना कर रहा है। संयंत्र में ट्रकों और ट्रेलरों की आवाजाही रोकने के कारण कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के डिस्पैच पर गहरा असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, यह व्यवधान तब शुरू हुआ जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की रिपोर्ट के आधार पर कुछ लिफ्टर और पर्यवेक्षकों को उनकी अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इस निर्णय के विरोध में लिफ्टरों और ट्रक एवं ट्रेलर एसोसिएशन ने संयंत्र के प्रवेश और निकास मार्गों को अवरुद्ध कर दिया।

व्यवधान का कारण
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की जांच रिपोर्ट में लिफ्टरों और पर्यवेक्षकों की अनियमितताओं का खुलासा हुआ, जिसके आधार पर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। यह कदम संयंत्र की सुरक्षा और संचालन की अखंडता बनाए रखने के लिए उठाया गया था। लेकिन इस फैसले का विरोध करते हुए ट्रक और ट्रेलर एसोसिएशन के सदस्यों ने संयंत्र के मुख्य द्वारों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। यह विरोध प्रदर्शन 22 सितंबर 2025 से शुरू हुआ और अब तक जारी है, जिससे संयंत्र के दैनिक संचालन पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव
इस व्यवधान से न केवल संयंत्र का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पूरे आपूर्ति श्रृंखला में भी भारी रुकावट आई है। भिलाई इस्पात संयंत्र से तैयार होने वाले उत्पाद जैसे रेल, प्लेट और हैवी बीम्स राष्ट्रीय निर्माण परियोजनाओं, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कच्चे माल जैसे कोयला और लौह अयस्क की आपूर्ति रुकने से उत्पादन इकाइयां आंशिक रूप से बंद हो गई हैं, जबकि तैयार स्टील उत्पादों का डिस्पैच न होने से गोदाम भर गए हैं।
इसके अलावा, संयंत्र छत्तीसगढ़ से केंद्र और राज्य सरकार को सर्वाधिक राजस्व कर का भुगतान करता है। ट्रकों की आवाजाही रोकने के कारण सरकारी राजस्व को बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है। अनुमान के अनुसार, दैनिक राजस्व हानि करोड़ों रुपये में हो सकती है। प्लांट में लोडिंग और अनलोडिंग प्रक्रिया रुक जाने से न केवल उत्पादन घटा है, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर स्थानीय व्यवसायों, जैसे ट्रांसपोर्टर, लिफ्टर और छोटे व्यापारियों के लिए भी यह स्थिति हानिकारक साबित हो रही है। श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है, क्योंकि कई मजदूर ट्रक लोडिंग से जुड़े हैं।

बीएसपी प्रबंधन की प्रतिक्रिया
बीएसपी प्रबंधन ने इस पूरे मामले पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। प्रबंधन ने पुलिस और जिला प्रशासन को सूचित किया है और संयंत्र में व्यवधान को जल्द से जल्द दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस व्यवधान के कारण भविष्य में वैधानिक कार्रवाई की भी संभावना है, ताकि संयंत्र के सुचारु संचालन को सुनिश्चित किया जा सके। प्रबंधन का कहना है कि संयंत्र के संचालन में किसी भी तरह की बाधा राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हितों के लिए हानिकारक है। अनियमितताओं के बावजूद, संयंत्र के संचालन को पंगु करने का प्रयास राष्ट्रीय हितों पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है।
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