
भाटापारा: गौरी-गौरा विसर्जन के दौरान दो पक्षों में चले लाठी डंडे, कई लोग घायल, धरने पर बैठे समिति के लोग
छत्तीसगढ़ के भाटापारा में गौरी-गौरा विसर्जन के दौरान दो समूहों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और चाकू चल गए। इस हिंसा में कम से कम ७ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुल २२ लोगों को चोटें आईं। घटना शांति नगर और सर्कस मैदान क्षेत्र में मातादेवालय तालाब के पास हुई, जहां विसर्जन के लिए पहुंचे जुलूस आपस में भिड़ गए।

विवाद की शुरुआत और हिंसा का रूप
सूत्रों के अनुसार, विसर्जन जुलूस में शामिल दो अलग-अलग समितियों के लोग तालाब पहुंचे थे। अचानक किसी बात पर बहस शुरू हुई, जो देखते-देखते मारपीट में बदल गई। एक पक्ष ने लाठी-डंडे चलाए, तो दूसरे ने चाकू का इस्तेमाल किया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति बेकाबू हो गई। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ७ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
थाने का घेराव और धरना
घटना के बाद गुस्साए विसर्जन समिति के सैकड़ों लोग भाटापारा शहर थाने पहुंचे और घेराव कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि विसर्जन के समय पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। समिति के लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक गौरी-गौरा मूर्तियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा। देर रात तक धरना जारी रहा, जिसके बाद पुलिस ने २२ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने वीडियो फुटेज और मोबाइल रिकॉर्डिंग जब्त कर हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि कई संदिग्धों को चिन्हित किया गया है और जल्द गिरफ्तारी होगी। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों ने पिछले वर्षों की तरह इस बार भी उत्सव शांतिपूर्ण रहने की उम्मीद जताई थी, लेकिन यह घटना ने सभी को चौंका दिया।
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