
भारी बारिश और भूस्खलन से Himachal Pradesh आपदाग्रस्त, उत्तर भारत में मानसून का कहर जारी
उत्तर भारत में मानसून की अधिक सक्रियता के कारण जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ का प्रकोप जारी है। इस मौसमी आपदा ने जून से अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है और लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का गंभीर वित्तीय नुकसान हुआ है।

हिमाचल प्रदेश में स्थिति गंभीर
- हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार को भारी बारिश के बाद आए भूस्खलन में चार लोगों की मौत हुई है।
- प्रदेश सरकार ने हिमाचल को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
- जून से लेकर 1 सितंबर तक हिमाचल में अब तक 300 से अधिक लोग प्राकृतिक आपदाओं की भेंट चढ़ चुके हैं।
- लगभग 1280 घर तबाह हुए, और 35,240 से अधिक पशु एवं जानवर इस दौरान मारे गए।
मणि महेश यात्रा में भीषण त्रासदी
- मानसून के दौरान चंबा जिले में आयोजित मणि महेश तीर्थयात्रा में भारी बारिश एवं भूस्खलन के कारण 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
- खराब मौसम के चलते राधाष्टमी पर होने वाला हिमनद शाही स्नान रद्द कर दिया गया।
- हजारों श्रद्धालु यात्रा के बीच फंसे रहे, जिन्हें हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित होने के कारण वैकल्पिक साधनों से रेस्क्यू किया गया।
पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हालात
- पंजाब के 9 जिलों में बाढ़ के कारण 1300 से अधिक गांव प्रभावित हैं।
- हरियाणा के 6 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जहां लगभग 2.5 लाख एकड़ फसलों को नुकसान पहुंचा है और 40,000 किसान प्रभावित हुए हैं।
- उत्तराखंड के केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को भूस्खलन से दो यात्रियों की मौत हुई, छह लोग घायल हुए।
- जम्मू-कश्मीर में चेनाब और तवी नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई जगहों पर जनजीवन और सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 सितंबर तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है उनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी एवं पूर्वी राजस्थान, दिल्ली, लद्दाख, उत्तराखंड, और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
3 से 6 सितंबर के बीच कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, और तटीय कर्नाटक में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
यह अलर्ट व्यापक क्षेत्र को कवर करता है और लोगों से सतर्क रहने और निर्मित संरचनाओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।
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