
भारतमाला प्रोजेक्ट: Raigarh में सड़क निर्माण का सपना अधूरा
रायगढ़, 31 अगस्त 2025: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रस्तावित सड़क निर्माण की योजनाएं लंबे समय से अधर में लटकी हुई हैं। इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था, लेकिन अब तक की धीमी प्रगति ने स्थानीय लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और बजट की कमी जैसे कई मुद्दों ने इस प्रोजेक्ट को जटिल बना दिया है।

भारतमाला परियोजना का उद्देश्य
भारतमाला परियोजना की शुरुआत 2017 में हुई थी, जिसका लक्ष्य देशभर में 83,677 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर सड़क नेटवर्क को मजबूत करना था। रायगढ़ जिले में भी इस परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जो जिले को औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती थीं। हालांकि, अगस्त 2025 तक केवल 8% काम ही पूरा हो पाया है, जो इस परियोजना की धीमी गति को दर्शाता है।

रायगढ़ में रुकावटें और चुनौतियां
रायगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य कई कारणों से अटका हुआ है। सबसे बड़ी बाधा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया है, जो कई स्थानों पर विवादों के कारण रुकी हुई है। स्थानीय किसानों और जमींदारों के बीच मुआवजे को लेकर असहमति ने इस प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। इसके अलावा, पर्यावरण मंजूरी में देरी और अपर्याप्त बजट ने भी निर्माण कार्य को प्रभावित किया है। जुलाई 2024 में शुरू होने वाली कई परियोजनाएं अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा बढ़ रही है।
प्रशासन की सफाई और आरोप
जिला प्रशासन का कहना है कि वे परियोजना को गति देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं।” हालांकि, स्थानीय लोग और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि परियोजना के लिए आवंटित धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों पर प्रभाव
रायगढ़ के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी की कमी ने लोगों के जीवन को मुश्किल बना दिया है। खराब सड़कों के कारण माल ढुलाई में देरी, परिवहन लागत में वृद्धि और यात्रा में असुविधा आम बात हो गई है। स्थानीय व्यापारी रमेश साहू ने कहा, “अच्छी सड़कों के बिना हमारा व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। भारतमाला प्रोजेक्ट हमारी उम्मीद थी, लेकिन अब यह सपना टूटता नजर आ रहा है।” ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।
भविष्य की संभावनाएं
प्रशासन ने दावा किया है कि अगले कुछ महीनों में परियोजना को तेज करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने हाल ही में भारतमाला परियोजना के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की घोषणा की है, जिससे रायगढ़ में भी कुछ प्रगति की उम्मीद जगी है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी जैसे मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक प्रगति सीमित रहेगी।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



