
भारत से दुबई 68 करोड़ के लाल चंदन की तस्करी करने वाला अब्दुल जफर चार साल बाद ED की गिरफ्त में :
नागपुर/चेन्नई, 26 मई 2025 — प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नागपुर उप-जोनल कार्यालय ने 22 मई 2025 को चेन्नई में दो ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। यह कार्रवाई अब्दुल जाफर से जुड़ी थी, जो लाल चंदन की बड़े पैमाने पर तस्करी में संलिप्त पाया गया। आरोपी ने प्रतिष्ठित निर्यातकों के नाम पर दुबई भेजी जा रही वैध वस्तुओं की जगह रास्ते में ही लाल चंदन बदलवा दिया था।
इस कार्रवाई के दौरान ईडी को आरोपी के पास से करोड़ों की संपत्ति मिली है, जिसमें जमीन, इमारतें, फ्लैट्स और महंगे वाहन शामिल हैं। ये संपत्तियाँ अपराध से अर्जित आय से खरीदी गई थीं। साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी बरामद किए गए हैं।
चार साल से फरार था आरोपी
छापेमारी के दौरान अब्दुल जाफर को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले चार वर्षों से फरार था और अदालत से लगातार समन के बावजूद पेश नहीं हो रहा था। उसे नागपुर लाकर 24 मई को पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने 28 मई 2025 तक ईडी की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।

68 करोड़ रुपये की तस्करी का पर्दाफाश
ईडी की जांच में पता चला कि अब्दुल जाफर ने लाल चंदन 13 खेप दुबई भेजी थी, जिनमें से हर बार घोषित सामान (जैसे स्पंज आयरन) की जगह लाल चंदन गया। यह तस्करी रायपुर की एक इकाई के माध्यम से की गई थी। कुल जब्त लाल चंदन की कीमत लगभग 68 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा एक खेप को डीआरआई ने समय रहते पकड़ लिया था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अब्दुल जाफर पहले भी कई बार लाल चंदन की तस्करी के मामलों में पकड़ा जा चुका है और वह आदतन अपराधी है। अन्य एजेंसियों द्वारा की गई जांच में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
अभी जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में डीआरआई, नागपुर द्वारा दायर शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की है। जांच फिलहाल जारी है और अन्य संभावित दोषियों की भी पहचान की जा रही है।
यह कार्रवाई न सिर्फ तस्करी के संगठित नेटवर्क पर करारा प्रहार है, बल्कि भविष्य में ऐसी आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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