
भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला: तीन पटवारी गिरफ्तार, ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई
भूमि मुआवजा में करोड़ों की हेराफेरी का मामला, भ्रष्टाचार के जाल में उलझे सरकारी अफसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा राशि घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोकसेवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार, 29 अक्टूबर 2025 को की गई। गिरफ्तार किए गए अधिकारी इस घोटाले में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए हैं।

🔹 तीनों तत्कालीन पटवारी गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में —
1. दिनेश पटेल, तत्कालीन पटवारी नायकबांधा,
2. लेखराम देवांगन, तत्कालीन पटवारी टोकरो,
3. बसंती घृतलहरे, तत्कालीन पटवारी भेलवाडीह — शामिल हैं।
इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में मुआवजा राशि का फर्जी निर्धारण किया और कई करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फर्जी दस्तावेजों से बढ़ाई गई मुआवजा राशि
EOW की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने किसानों और भू-मालिकों के नाम पर फर्जी कागजात और नकली म्यूटेशन रजिस्टर तैयार किए थे। इसके जरिए मुआवजा राशि को वास्तविक मूल्य से कई गुना बढ़ाकर मंजूर कराया गया।
कई अधिकारी पहले ही रडार पर
इस मामले में पहले भी कई राजस्व अधिकारी और दलाल एजेंसियों की जांच के दायरे में आ चुके हैं। अब तीन और अधिकारियों की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि घोटाले का नेटवर्क गहराई तक फैला हुआ है।
ACB-EOW की संयुक्त टीम कर रही जांच
ACB और EOW की संयुक्त टीम अब इस घोटाले में शामिल अन्य सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं। अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच से कई नए सबूत हाथ लगे हैं।
करोड़ों रुपये का घोटाला
भारतमाला परियोजना के इस घोटाले में अब तक करीब ₹100 करोड़ से अधिक की अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। एजेंसियों का मानना है कि इसमें और भी बड़े अधिकारी और ठेकेदार शामिल हो सकते हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



