
Bengluru में ED का बड़ा ऑपरेशन: अवैध Online सट्टेबाजी के मामले में 55 करोड़ रुपये फ्रीज, 5 लग्जरी वाहन जब्त
बेंगलुरु, 5 सितंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), बेंगलुरु ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए जनता को ठगने के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 2 सितंबर 2025 को बेंगलुरु और चल्लेकेरे में कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसके तहत मुख्य आरोपी के.सी. वीरेंद्र और उनके सहयोगियों पर कड़ी कार्रवाई की गई।

तलाशी अभियान में क्या मिला?
ईडी की इस कार्रवाई में कई अहम सबूत और संपत्तियां जब्त की गईं। तलाशी के दौरान 5 महंगे वाहन, जिनमें लग्जरी कारें शामिल हैं, जब्त किए गए। इसके अलावा, 55 करोड़ रुपये (लगभग) की राशि को फ्रीज किया गया, जिसमें के.सी. वीरेंद्र के 9 बैंक खातों और 1 डीमैट खाते में जमा 40.69 करोड़ रुपये (लगभग) शामिल हैं। साथ ही, 262 म्यूल खातों (जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया) में जमा 14.46 करोड़ रुपये (लगभग) को भी फ्रीज किया गया।

अवैध सट्टेबाजी का जाल
जांच से पता चला कि के.सी. वीरेंद्र और उनके सहयोगी अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठग रहे थे। ये प्लेटफॉर्म आम जनता को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर और आसान कमाई का लालच देते थे, लेकिन वास्तव में यह एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का हिस्सा था। इस नेटवर्क ने न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवैध धन के लेन-देन को अंजाम दिया।
ईडी ने पाया कि इस रैकेट में शामिल लोग म्यूल खातों का उपयोग करके अवैध रूप से कमाए गए धन को कई खातों में स्थानांतरित कर रहे थे, ताकि इसकी उत्पत्ति को छिपाया जा सके। इन खातों का उपयोग विभिन्न बैंकों और डीमैट खातों में धन को फैलाने के लिए किया गया, जिससे यह एक जटिल मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन का हिस्सा बन गया।
ईडी की कार्रवाई का महत्व
यह कार्रवाई अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ ईडी की लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है। ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते मामलों ने देश में वित्तीय अपराधों को बढ़ावा दिया है, जिसके चलते ईडी ने ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है। इस तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि इस रैकेट के अन्य सहयोगियों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों का पता लगाया जा सके।

आगे की जांच
ईडी सूत्रों के अनुसार, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है। के.सी. वीरेंद्र और उनके सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया है, और उनकी संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही, म्यूल खातों के मालिकों और उनके संचालकों की पहचान करने के लिए भी गहन जांच चल रही है।
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