
बंगाल 2021 चुनाव बाद हिंसा मामला: नाबालिग से बलात्कार के लिए सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक को उम्रकैद
मालदा, पश्चिम बंगाल (6 जुलाई 2025)
मामला और सजा का विवरण
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक विशेष अदालत ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से संबंधित एक मामले में एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक को नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांचे गए चुनाव बाद हिंसा के मामलों में पहली सजा है।
अपराध का विवरण
अभियुक्त, रफीकुल इस्लाम उर्फ भेलू, जो मालदा के एक सरकारी स्कूल में सेवानिवृत्त शिक्षक थे, ने 4 जून 2021 की शाम को एक नौ साल की नाबालिग लड़की को अपने आम के बगीचे में पैसे का लालच देकर बलात्कार किया। सीबीआई की जांच में यह खुलासा हुआ कि पीड़िता उस समय बगीचे में खेल रही थी। इस घटना की गवाह पीड़िता की 10 वर्षीय चचेरी बहन थी, जिसने अदालत में इस अपराध के बारे में मजबूती से गवाही दी।
अदालत का फैसला
मालदा के द्वितीय पॉक्सो (POCSO) कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2 जुलाई 2025 को रफीकुल इस्लाम को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376AB के तहत दोषी ठहराया। 4 जुलाई को अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि पीड़िता को ‘पीड़ित मुआवजा निधि’ से 3 लाख रुपये प्रदान किए जाएं।
सीबीआई की भूमिका
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक अमिताव मैत्रा ने मामले को मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर प्रस्तुत किया। यह मामला 2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराधों, विशेष रूप से बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के 61 मामले सीबीआई को सौंपे गए थे।
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