
Bemetera में राशन घोटाला घटिया चावल सप्लाई से ग्रामीणों में आक्रोश
बेमेतरा जिले से सामने आया यह मामला राशन घोटाले पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण इलाकों में बांटे जा रहे घटिया चावल की सप्लाई ने न केवल लोगों की नाराजगी बढ़ा दी है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी खतरे की घंटी बजा दी है।

घटिया चावल की सप्लाई से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि राशन दुकानों से मिलने वाला चावल खराब गुणवत्ता का है। इसमें टूटे और बासी दाने, कीड़े और बदबू शामिल होती है। मजबूरी में उन्हें यही अनाज स्वीकार करना पड़ रहा है। लोग यह भी बता रहे हैं कि यह चावल खाने योग्य नहीं है, लेकिन विकल्प न होने के कारण इसे लेना पड़ता है।
राइस मिलर्स पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों और दुकानदारों का आरोप है कि जिले में काम कर रहे कुछ राइस मिलर्स अच्छी क्वालिटी का चावल सरकार से उठाकर घटिया चावल सप्लाई कर रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंदों के हक पर डाका डालकर सरकारी योजना की छवि खराब की जा रही है।
स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
विशेषज्ञ मानते हैं कि सड़े-गले और असुरक्षित चावल का सेवन ग्रामीणों के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। पहले से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी झेल रहे इलाकों में यह समस्या कुपोषण, पेट की बीमारियों और अन्य संक्रमणों को जन्म दे सकती है।

प्रशासन की उदासीनता
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जांच और निगरानी की कमी से यह गड़बड़ी लगातार जारी है।
ग्रामीणों की मांग
- घटिया चावल की सप्लाई पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- दोषी राइस मिलर्स और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- राशन दुकानों से केवल मानक गुणवत्ता वाला चावल ही उपलब्ध कराया जाए।
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