
बाज़ार की वृद्धि को बढ़ावा: FCI ने पहली बार Odisha में रागी की फसल उठाई
पहली बार, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने ओडिशा में रागी (फिंगर मिलेट) की उचित कीमत पर खरीद शुरू की है।

यह कदम राज्य के किसानों, खासकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एफसीआई ने इस मौसम में राज्य से 40,000 टन रागी की खरीद के लिए केंद्रों की स्थापना की है, जो किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।
रागी की खरीद का विवरण
इस अभियान की शुरुआत के साथ, ओडिशा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश में भी 16,800 टन रागी की खरीद की जा रही है। इसके अलावा, कोरापुट और नवापाड़ा जिले में 2,642 टन रागी की खरीद पहले चरण में पूरी की जा चुकी है। इन क्षेत्रों में रागी की शेष मात्रा को भी जल्द ही रायगढ़, मलकानगिरी, कोरापुट और नवापाड़ा जैसे जिलों से उठाया जाएगा। यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।
किसानों के लिए सहायता
ओडिशा के किसान साशकिकरण विभाग और राज्य के सहकारी निगम लिमिटेड के साथ मिलकर एफसीआई ने रागी की खरीद को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। इस पहल के तहत, किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल रहा है। 2024-25 के रबी सीजन में, राज्य में 64,000 से अधिक किसानों को कुल 75,000 मीट्रिक टन रागी की खरीद के माध्यम से लाभ पहुंचाया गया है।

केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता
केंद्र सरकार ने बाजार में उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में सुधार के लिए इस कदम को उठाया है। पिछले साल 2023 में शुरू की गई इस पहल को अब और मजबूती दी जा रही है। ओडिशा के विभिन्न बाजारों में इसकी निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं।
भविष्य के लिए उम्मीदें
इस पहल से न केवल ओडिशा के किसानों को लाभ होगा, बल्कि यह मॉडल अन्य राज्यों में भी लागू हो सकता है। रागी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर अनाज की खरीद को बढ़ावा देकर, सरकार देश के खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इस योजना के विस्तार से और अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
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