
बस्तर, सुकमा और नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: नक्सलियों के साथ मुठभेड़ों में कई इनामी माओवादी ढेर, सुकमा में 5 लाख की महिला नक्सली समेत 16 मारे गए
रायपुर, 26 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर, सुकमा और नारायणपुर जिलों में सुरक्षाबलों ने हाल के दिनों में नक्सलियों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। अलग-अलग मुठभेड़ों में कई इनामी माओवादियों को मार गिराया गया, जिसमें सुकमा जिले की एक मुठभेड़ में 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली बसकी नुप्पो (35 वर्ष) भी शामिल है। ये कार्रवाइयां नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार के संकल्प को मजबूत करती हैं, जहां मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित है।

बस्तर क्षेत्र के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि ये ऑपरेशन खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए थे, जिनमें डीआरजी, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल रहीं। इन मुठभेड़ों से नक्सली संगठन की कमर टूट रही है, और इस साल अब तक 249 से अधिक नक्सली निष्क्रिय हो चुके हैं।
सुकमा मुठभेड़: महिला नक्सली बसकी नुप्पो ढेर
सुकमा जिले के केरलापाल क्षेत्र में 29 मार्च 2025 को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 16 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें मलंगीर एरिया कमेटी की सदस्य बसकी नुप्पो भी शामिल थी, जिस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। बसकी पिछले एक दशक से सक्रिय थी और कई हमलों में शामिल रही। मुठभेड़ स्थल से एक .315 बोर राइफल, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सली साहित्य बरामद किया गया।
इस कार्रवाई में दो सुरक्षाकर्मी मामूली रूप से घायल हुए, लेकिन कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। सुकमा एसपी किरण चौहान ने कहा, “यह ऑपरेशन नक्सलियों के एक बड़े दस्ते को निष्क्रिय करने में सफल रहा। हम आगे भी सतर्क रहेंगे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर ट्वीट करते हुए कहा, “सुकमा में 16 नक्सलियों का खात्मा नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार है। शांति और विकास ही एकमात्र रास्ता है।”
नारायणपुर में 27 माओवादियों का सफाया, बसवराजू भी मारा गया
नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में 21 मई 2025 को हुई लंबी मुठभेड़ में 27 माओवादियों को मार गिराया गया, जिसमें भाकपा (माओवादी) का शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल था। बसवराजू संगठन का महासचिव था और उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था। वह 2018 सुकमा आईईडी हमले, 2019 गढ़चिरौली लैंडमाइन विस्फोट और 2025 बीजापुर हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था।
यह 21 दिनों का अभियान था, जो नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमाओं पर चला। मुठभेड़ में एक डीआरजी जवान शहीद हुआ और कुछ अन्य घायल हुए। अमित शाह ने इसे “नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता” बताते हुए कहा, “बसवराजू का खात्मा लाल आतंक की रीढ़ तोड़ने जैसा है।” इस साल दिसंबर 2023 से मई 2025 तक राज्य में 401 नक्सली मारे गए।
बस्तर क्षेत्र में अन्य मुठभेड़ें: लगातार प्रहार
बस्तर डिवीजन में मार्च 2025 में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 30 माओवादी मारे गए। बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुई मुठभेड़ में 26 नक्सली ढेर हुए, जबकि कांकेर-नारायणपुर सीमा पर अबूझमाड़ जंगल में चार अन्य मारे गए। इनमें कई इनामी नक्सली शामिल थे।
हाल ही में 18 जुलाई 2025 को नारायणपुर में चल रही मुठभेड़ में छह नक्सली शव बरामद हुए। इसके अलावा, 23 मई 2025 को सुकमा में एक अन्य मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। ये कार्रवाइयां नक्सलियों के छिपने के ठिकानों को नष्ट करने पर केंद्रित हैं।
व्यापक प्रभाव: नक्सलवाद का अंत नजदीक
ये मुठभेड़ें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टॉप नेतृत्व के लगातार खात्मे से संगठन कमजोर हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “हमारा संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो। विकास कार्य तेज हो रहे हैं।”
इस साल 23 नक्सली सुकमा में सरेंडर कर चुके हैं, जिनका कुल इनाम 1.18 करोड़ रुपये था। सरकार ने नक्सल क्षेत्रों में मोबाइल टावर, सड़कें और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए 4,000 टावर लगाने का काम जारी रखा है। बस्तर के ग्रामीणों ने इन कार्रवाइयों का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने विकास की मांग भी की है।
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