
बर्खास्त आरक्षक पर तीन FIR दर्ज, दो लोगों से की ठगी, नाबालिग से दुष्कर्म का भी आरोप
रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक बर्खास्त आरक्षक पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस आरक्षक के खिलाफ तीन प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं, जिनमें दो लोगों से ठगी और एक नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप शामिल है। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, और जनता के बीच इस मामले को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

ठगी के दो मामले: लाखों रुपये की धोखाधड़ी
जानकारी के अनुसार, बर्खास्त आरक्षक पर दो व्यक्तियों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पीड़ितों को नौकरी दिलाने या अन्य झूठे वादों के नाम पर पैसे ऐंठे। इन मामलों में पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में प्रारंभिक साक्ष्य मिलने पर आरक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में दो एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अन्य लोग भी इस ठगी का शिकार हुए हैं।
नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर आरोप
सबसे गंभीर आरोप बर्खास्त आरक्षक पर एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का है। इस मामले ने समाज में व्यापक रोष पैदा किया है। पीड़िता के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच को प्राथमिकता दी है और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
पहले ही बर्खास्त हो चुका था आरक्षक
हैरानी की बात यह है कि आरोपी आरक्षक को पहले ही पुलिस सेवा से बर्खास्त किया जा चुका था। सूत्रों के अनुसार, उसे अनुशासनहीनता और अन्य गलत कार्यों के कारण सेवा से हटाया गया था। इसके बावजूद, उसने कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना जारी रखा। यह मामला पुलिस विभाग के चयन और निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठाता है, क्योंकि बर्खास्तगी के बाद भी वह लोगों को धोखा देने में कामयाब रहा।
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