
Bank Of India कर्मचारी ने 127 खातों से 16.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की, ED ने गिरफ्तार किया
बैंक ऑफ इंडिया के एक कर्मचारी हितेश सिंगला पर 127 खातों में जमा करीब 16.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आरोपी ने वरिष्ठ नागरिकों, नाबालिगों और मृत ग्राहकों के खातों से पैसे निकालकर उन्हें अपने व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर कर दिया। यह मामला बहु-प्रदेशीय धोखाधड़ी के रूप में सामने आया है और जांच में पता चला है कि इस रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार में लगाया गया है.

आरोप और गिरफ्तारी
32 वर्षीय हितेश सिंगला बैंक ऑफ इंडिया की बांद्रा शाखा में 2022 से तैनात था। 5 अगस्त 2025 को शिकायत मिलने पर बैंक ने उसे निलंबित कर दिया था। उक्त धोखाधड़ी की जानकारी उस वक्त मिली जब एक वरिष्ठ नागरिक ग्राहक के कानूनी उत्तराधिकारी ने उनके खातों का ब्यौरा मांगा। जांच में पता चला कि खाते को बंद करने के बाद जमा राशि को बैंक के कार्यालय खाते से पंजाब की शाखा में सिंगला के व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर किया गया था.
ईडी ने धोखाधड़ी के आरोप में हितेश सिंगला को गिरफ्तार कर 23 सितंबर तक हिरासत में भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अदालत में जांच की जा रही है और धन शोधन के आरोप भी शामिल हैं.
धोखाधड़ी की विधि
- आरोपी ने मई 2023 से जुलाई 2025 तक 127 खातों के पैसे चार अलग-अलग शाखाओं से अपने खाते में ट्रांसफर किए।
- इस प्रक्रिया में कई कर्मचारियों के आईडी का उपयोग कर धोखाधड़ी की गई जिससे सत्यापन में गड़बड़ी हुई।
- खाते जिनका उपयोग हुआ, वे वरिष्ठ नागरिकों, नाबालिगों और मृतक व्यक्तियों के थे, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है.

निवेश का मामला
जांच में यह भी सामने आया है कि धोखाधड़ी से निकाली गई रकम का एक बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया है, जिससे मामले का दायरा और भी जटिल हो गया है। यह तथ्य धोखाधड़ी के पैसों के स्रोत तथा उपयोग की गहन जांच की मांग करता है.
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