
बैक-बिल्डरों के खिलाफ Supreme Court की सख्ती: बाजार तो उछला, लेकिन शेयर क्यों लुढ़के?
नई दिल्ली, 25 सितंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट सेक्टर में बैक-बिल्डरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नया आदेश जारी किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सभी लंबित प्रोजेक्ट्स को तीन महीने के अंदर पूरा किया जाए, वरना डेवलपर्स पर भारी जुर्माना लगेगा। इस फैसले से शेयर बाजार में शुरुआती उछाल तो आया, लेकिन जल्द ही शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाजार की अस्थिरता और सेक्टर की गहरी समस्याओं का संकेत है।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बैक-बिल्डर्स पर लगाम
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान रियल एस्टेट डेवलपर्स पर नकेल कसने का फैसला सुनाया। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि लाखों होमबायर्स की मेहनत की कमाई को बर्बाद करने वाले डेवलपर्स को अब बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट ने रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट) के तहत सख्ती बरतने का आदेश दिया है।
इस फैसले का असर उन प्रमुख डेवलपर्स पर पड़ेगा जो वर्षों से प्रोजेक्ट्स में देरी कर रहे हैं, जैसे जेपी इंफ्राटेक, यूनिटेक और गोडरेज प्रॉपर्टीज। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह एक केंद्रीय मॉनिटरिंग कमिटी गठित करे, जो प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखेगी।
बाजार में हलचल: शुरुआती उछाल के बाद क्यों आई गिरावट?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद निफ्टी और सेंसेक्स में 1.5 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निवेशकों को लगा कि यह फैसला सेक्टर को मजबूत बनाएगा और पारदर्शिता बढ़ाएगा। रियल्टी इंडेक्स में भी 2 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
लेकिन दोपहर होते-होटे ही बाजार का मूड बदल गया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.2 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि प्रमुख शेयरों जैसे डीएलएफ और लोढ़ा डेवलपर्स में 3-4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि फैसले से डेवलपर्स पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा। कई कंपनियों के पास पहले से ही कर्ज का बोझ है, और नए नियमों से उनके लाभ मार्जिन पर असर पड़ेगा।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषक ने कहा, “बाजार ने फैसले को सकारात्मक माना, लेकिन लंबे समय की अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। शेयरों की गिरावट सेक्टर की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करती है।“
होमबायर्स की उम्मीदें: राहत या नई चुनौतियां?
इस फैसले से लाखों प्रभावित होमबायर्स में उत्साह है। नोएडा और गुरुग्राम जैसे इलाकों में फंसे प्रोजेक्ट्स वाले खरीदारों ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की। एक होमबायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया, “आखिरकार न्याय मिला। हम सालों से इंतजार कर रहे थे।”
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि सख्ती से प्रोजेक्ट्स तो पूरा होंगे, लेकिन कीमतें बढ़ सकती हैं। डेवलपर्स लागत बढ़ाने के लिए खरीदारों पर बोझ डाल सकते हैं। आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट सेक्टर में 20 प्रतिशत प्रोजेक्ट्स अभी भी बैक-लॉग में हैं।
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