
बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देगी Delhi सरकार: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ऐलान, यमुना किनारे विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास योजना
नई दिल्ली, 10 सितंबर 2025: दिल्ली में हाल ही में आई भयंकर बाढ़ ने न केवल शहर के निचले इलाकों को पानी-पानी कर दिया, बल्कि हजारों किसानों की फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो गईं। इस विपदा से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को स्पष्ट ऐलान किया कि बाढ़ से नष्ट हुई फसलों के लिए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने सभी 11 राजस्व जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, “किसानों को तत्काल राहत दी जाएगी। हमारी सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को फिर से पटरी पर लाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। यमुना का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन हम सभी आवश्यक प्रबंध कर रहे हैं ताकि दिल्ली जल्द सामान्य स्थिति में लौट सके।” उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों की सूची तुरंत तैयार की जाए और बिना किसी देरी के मुआवजा वितरित किया जाए।
बाढ़ का भयावह रूप: हजारों प्रभावित, फसलें बर्बाद
इस साल सितंबर की शुरुआत में भारी बारिश और यमुना नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण दिल्ली के उत्तर, उत्तर-पूर्वी, शाहदारा, पूर्वी, केंद्रीय और दक्षिण-पूर्वी जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। यमुना का जलस्तर 206 मीटर को पार कर गया, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले करीब 15 हजार लोग प्रभावित हुए। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा, जहां खेतों में खड़ी सब्जियां, अनाज और अन्य फसलें पानी में डूब गईं। अनुमान के मुताबिक, दिल्ली के बाहरी इलाकों जैसे मायापुर, भोपा, गीठा और जाफरपुर जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि पर नुकसान हुआ है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने छह जिलों (उत्तर, उत्तर-पूर्वी, शाहदारा, पूर्वी, केंद्रीय और दक्षिण-पूर्वी) के जिलाधिकारियों से प्रभावित किसानों और फसलों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सर्वेक्षण कार्य तेजी से चल रहा है, और जल्द ही मुआवजे की राशि का निर्धारण किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने अभी विशिष्ट राशि की घोषणा नहीं की है, लेकिन विपक्षी नेता आतिशी ने मांग की है कि जिन किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, उन्हें प्रति एकड़ कम से कम 20,000 रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। आतिशी ने एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “रेखा गुप्ता सरकार की चुप्पी और नाकामी ने बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हर प्रभावित परिवार को 18,000 रुपये और किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। साथ ही, बाढ़ से प्रभावित बच्चों को नई किताबें और पढ़ाई का सामान भी उपलब्ध कराया जाए।”
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