
जैव प्रेरक के अवैध व्यापार पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2.84 करोड़ का माल जब्त
छत्तीसगढ़ में किसानों को गुमराह कर अवैध रूप से जैव प्रेरक (बायो-स्टिमुलेंट) बेचने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए डायरेक्ट सेलिंग कंपनी ड्रेकी मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। बिना वैध प्राधिकार पत्र के जैव प्रेरक का व्यापार किए जाने के मामले में करीब 2.84 करोड़ रुपये मूल्य का जैव प्रेरक (ह्यूमिक एसिड) जब्त किया गया है।
बिना अनुमति किया जा रहा था जैव प्रेरक का व्यापार
कृषि विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कंपनियां किसानों को अधिक उत्पादन और बेहतर फसल का झांसा देकर अवैध रूप से जैव प्रेरक उत्पाद बेच रही हैं। जांच के दौरान सामने आया कि ड्रेकी मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के पास जैव प्रेरक के व्यापार के लिए आवश्यक वैध अनुमति और प्राधिकार पत्र नहीं थे, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर उत्पादों की बिक्री की जा रही थी।

भंडारण स्थल सील, दस्तावेज जब्त
कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की टीम ने कंपनी के भंडारण स्थल पर छापा मारकर भारी मात्रा में ह्यूमिक एसिड जब्त किया। मौके पर मौजूद स्टॉक की कुल कीमत लगभग 2.84 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही भंडारण स्थल को सील कर दिया गया है और संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं।
किसानों को गुमराह करने का आरोप
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कंपनी द्वारा किसानों को भ्रामक जानकारी देकर जैव प्रेरक बेचने का प्रयास किया जा रहा था। ऐसे उत्पाद न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि फसलों और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
कड़ी कार्रवाई के संकेत
संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, दुर्ग संभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से कृषि आदानों का व्यापार करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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