
Amit Shah का आरोप: India Block के उपराष्ट्रपति कैंडिडेट जज रहते नक्सलवाद को बढ़ावा दिया
केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी तकरार फिर चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इंडिया ब्लॉक समर्थित उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुदर्शन रेड्डी पर नक्सलवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। शाह ने कहा कि विपक्ष ने वामपंथी दबाव में ऐसा उम्मीदवार चुना है, जिसने बतौर जज ऐसे फैसले दिए हैं जिससे वामपंथी उग्रवाद को बल मिला।

सलवा जुडूम फैसले को लेकर विवाद
अमित शाह ने अपने आरोपों के समर्थन में साल 2011 के सुप्रीम कोर्ट के उस विवादास्पद फैसले का हवाला दिया, जिसमें जस्टिस सुदर्शन रेड्डी और जस्टिस एसएस निज्जर की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सलवा जुडूम’ अभियान को भंग कर दिया था। सलवा जुडूम अभियान में राज्य सरकार ने माओवादी विद्रोह से निपटने के लिए आदिवासी युवाओं को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) नियुक्त किया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह संगठन अवैध और असंवैधानिक है। शाह के अनुसार, इस फैसले ने माओवादी हिंसा से लड़ाई को कमजोर किया।
शाह ने क्या कहा?
कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान सवाल-जवाब सत्र में शाह ने दावा किया कि यदि सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला न आया होता तो 2020 तक उग्रवाद का सफाया हो चुका होता। उन्होंने विपक्ष पर वामपंथियों के दबाव में आने और नक्सलवाद को समर्थन देने वालों को बड़े संवैधानिक पदों पर बिठाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि कांग्रेस ने इस उम्मीदवार को चुनकर केरल सहित अन्य जगहों पर अपनी संभावनाएं भी खत्म कर दी हैं।

उपराष्ट्रपति चुनाव का समीकरण
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि इंडिया ब्लॉक की तरफ से पूर्व जज सुदर्शन रेड्डी मैदान में हैं। चुनाव 9 सितंबर को होगा, उसी दिन नतीजे भी आएंगे। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।
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