
Ambikapur : 65 Lakh की राशन चोरी का उजागर, 6 पर FIR दर्ज
अंबिकापुर शहर में राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 1 सितंबर 2024 से 31सितंबर 2025 तक की अवधि में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से चावल और चना की भारी कमी पाई गई। जांच में सामने आया कि इस दौरान 1631.29 क्विंटल (मूल्य 61,62,267.96 रुपये), शक्कर 10.43 क्विंटल (49,160.62 रुपये), ताथा चना 48.34 क्विंटल (2,92,692.09 रुपये) की कमी पाई गई, जिससे कुल मिलाकर 64,94,120.67 रुपये की राशि का गबन समाने आया।

राशन चोरी का खुलासा
इस मामले में सहकारी समिति बुटापारा के अधीक्षक उपाध्यक्ष सुनीता पेकरा, सहायक विक्रेता फरहान सिद्दीकी, प्रिस जायसवाल, सफी अली और मुकेश यादव पर आरोप लगा है कि उन्होंने राशन वितरण में गड़बड़ी की। जांच के दौरान पाया गया कि इन अधिकारियों ने उचित मूल्य राशन दुकानों से लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि को कम करके अपनी जेबें भरीं। इस राशि का गबन उचित मूल्य दुकानों के लेखा-जोखा में दर्ज नहीं किया गया, जिससे यह घोटाला लंबे समय तक छिपा रहा।
कार्रवाई और जांच
इस मामले में सहकारी समिति अंबिकापुर शहर के तहत उचित मूल्य राशन दुकानों के संचालन में कथित तौर पर गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जिला कलेक्टर विलास भोसकर ने जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान अधीक्षक सुनीता पेकरा, उपाध्यक्ष सुनीता पेकरा, सहायक विक्रेता फरहान सिद्दीकी, प्रिस जायसवाल, सफी अली और मुकेश यादव के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा किए गए। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर राशन वितरण में धांधली की और लाभार्थियों को निर्धारित राशन से कम राशन वितरित किया।

कानूनी कार्रवाई
इस घोटाले के उजागर होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इस मामले में धारा 420 (धोखाधड़ी) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि इन अधिकारियों ने राशन को बाजार में बेचकर मुनाफा कमाया, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को भारी नुकसान हुआ।
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