
अजमेर में बारिश का कहर: जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, तीन बालिकाओं की दुखद मौत
अजमेर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इस बीच, किशनगढ़ के निकट ऊंटड़ा गांव में एक हृदयविदारक घटना में तीन बालिकाओं की डूबने से मौत हो गई। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अलर्ट मोड में काम शुरू कर दिया है।
जलभराव ने बढ़ाई परेशानियां
शहर के कई हिस्सों, खासकर दरगाह क्षेत्र में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। तेज बहाव के कारण कई लोग बहने की स्थिति में आ गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए रस्सियों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित निकाला। जलभराव की गंभीरता ने शहर की यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया है, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

झीलों में उफान, सड़कों पर पानी
अजमेर की प्रसिद्ध आनासागर झील का जलस्तर अपनी अधिकतम क्षमता 13 फीट को पार कर 15 फीट 11 इंच तक पहुंच गया है। वरुण सागर झील भी लबालब हो चुकी है, जहां चादर चल रही है। बीती रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक 64 MM बारिश दर्ज की गई। वैशाली नगर, सागर विहार कॉलोनी और अन्य निचले इलाकों में घरों और गलियों में पानी भर गया है। झीलों से पानी की निकासी के लिए प्रशासन ने कदम उठाए हैं, जिसके चलते बजरंगगढ़ से फव्वारा सर्कल तक का मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को आवागमन में लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
किशनगढ़ में दर्दनाक हादसा
किशनगढ़ के ऊंटड़ा गांव में एक दुखद घटना में तीन बालिकाओं की गहरे गड्ढे (नाडा) में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान नाजमीन (18), बिल्किस (18) और सिमरन (18) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, चार बालिकाएं बकरियां चराने गई थीं। एक बालिका का पैर फिसलने के बाद अन्य दो उसे बचाने गईं, लेकिन तीनों डूब गईं। ग्रामीणों ने चारों को बाहर निकाला, जिसमें से एक बालिका आशु (18) को अजमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गेगल थाने की प्रभारी सुमन चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई
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