
एयर इंडिया की एक और उड़ान पर मंडराया खतरा: 900 फीट नीचे गिरा विमान, DGCA की जांच में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025:
अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के दर्दनाक हादसे के बाद एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस हादसे के महज 38 घंटे बाद 14 जून को एयर इंडिया की एक अन्य उड़ान, AI 187, के क्रैश होने का खतरा मंडरा रहा था। यह विमान दिल्ली से विएना जा रहा था, जब यह अचानक 900 फीट नीचे गिर गया। इस घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारी तूफान में मिला स्टिक शेकर अलर्ट
14 जून को दिल्ली से विएना के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 187 को उड़ान के दौरान भारी तूफान का सामना करना पड़ा। इस दौरान विमान को “स्टिक शेकर” अलर्ट प्राप्त हुआ, जो पायलटों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी मानी जाती है। यह अलर्ट तब मिलता है, जब विमान एयरोडायनामिक स्टॉल की स्थिति में पहुंच जाता है, जिसके कारण फ्लाइट कंट्रोल तेजी से हिलने लगते हैं। इसके साथ ही विमान को दो बार “Don’t Sink” (नीचे मत जाओ) की चेतावनी भी मिली, जो ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग सिस्टम (GPWS) द्वारा दी गई थी।
900 फीट की खतरनाक गिरावट
इन चेतावनियों के बीच विमान लगभग 900 फीट नीचे गिर गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने की आशंका बढ़ गई थी। हालांकि, पायलटों ने समय रहते विमान पर नियंत्रण पा लिया और इसे सुरक्षित रूप से विएना तक ले गए। फ्लाइट ने 9 घंटे 8 मिनट की उड़ान के बाद विएना में सुरक्षित लैंडिंग की। शुरुआती पायलट रिपोर्ट में केवल “टर्बुलेंस के कारण स्टिक शेकर अलर्ट” का जिक्र किया गया था, लेकिन फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) की जांच ने इस घटना की गंभीरता को उजागर किया।
DGCA की सख्त कार्रवाई
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की जांच में स्टॉल वार्निंग और GPWS चेतावनियों का खुलासा होने के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने तुरंत जांच शुरू कर दी। इस घटना के बाद दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है। साथ ही, DGCA ने एयर इंडिया के हेड ऑफ सेफ्टी को तलब किया और एयरलाइन को इंजीनियरिंग, ऑपरेशन्स, और ग्राउंड हैंडलिंग विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।12 जून को अहमदाबाद में हुए AI 171 हादसे, जिसमें 241 यात्रियों सहित 270 लोगों की जान चली गई थी, के बाद से एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। DGCA ने इस हादसे के बाद बोइंग 787 और 777 फ्लीट की गहन जांच के आदेश दिए थे।
सुरक्षा पर बढ़ता अविश्वास
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पहले एयर इंडिया के विमान पुराने हो सकते थे और उड़ान में देरी हो सकती थी, लेकिन सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं था। अब नए विमानों के बावजूद यात्रियों में डर का माहौल है।” इस घटना के बाद विएना पहुंचा विमान नए क्रू के साथ टोरंटो के लिए रवाना हुआ।
आगे की जांच और निगरानी
DGCA ने एयर इंडिया पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। नियामक ने हाल ही में एयरलाइन के गुरुग्राम मुख्यालय में एक विस्तृत ऑडिट भी शुरू किया है, जिसमें आठ सदस्यीय टीम सुरक्षा और संचालन प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। इसके अलावा, DGCA ने देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर आकस्मिक निरीक्षण किए, जिसमें कई खामियां सामने आईं, जैसे कि खराब टायर, फीके रनवे मार्किंग, और रखरखाव में अनियमितताएं।AI 171 हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) एक प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द ही जारी करने वाला है, जिसमें हादसे के संभावित कारणों, जैसे ड्यूल इंजन फेल्योर और संभावित तोड़फोड़, पर प्रकाश डाला जाएगा।
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