
अवैध नेटवर्क मार्केटिंग और नकली दवाइयों का भंडाफोड़, दुर्ग में 2.84 करोड़ का बायो-स्टिमुलेंट जब्त
दुर्ग जिले में अवैध नेटवर्क मार्केटिंग और डुप्लीकेट दवाइयों के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। कृषि विभाग की संयुक्त जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए 2.84 करोड़ रुपये मूल्य के बायो-स्टिमुलेंट जब्त किए हैं। आरोप है कि डेको मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड (DMPL) फर्जी लेबलिंग के जरिए उत्पादों को कई गुना महंगे दामों पर बेच रही थी।

फर्जी लेबलिंग से ऊंचे दामों पर बिक्री
शिकायतों के अनुसार DMPL ने कृषि और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों पर फर्जी लेबल लगाकर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा। जांच में सामने आया कि कई उत्पाद दूसरे निर्माताओं से कम कीमत पर खरीदे गए थे, जिन पर DMPL का लेबल लगाकर बिक्री की जा रही थी।
गुणवत्ता जांच और अनुमति नहीं
आरोप है कि जिन दवाइयों और बायो-स्टिमुलेंट्स का निर्माण दिखाया जा रहा था, उनकी न तो गुणवत्ता जांच कराई गई और न ही किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली गई। इससे किसानों और उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ होने की आशंका जताई जा रही है।

ग्राम धनौरा में दबिश, भारी मात्रा में माल जब्त
कृषि विभाग की टीम ने दुर्ग जिले के ग्राम धनौरा स्थित गोदाम में दबिश देकर बड़ी मात्रा में बायो-स्टिमुलेंट और अन्य उत्पाद जब्त किए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 2.84 करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच जारी, कड़ी कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर कंपनी और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर हो रहे ऐसे अवैध कारोबार पर निगरानी और कड़ी की जाएगी।
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