
18 ट्रैक्टरों पर Mining विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पकड़ा गया
गरियाबंद में तेल नदी से अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा
गरियाबंद. देवभोग तहसील के तेल नदी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू के नेतृत्व में मंगलवार को माइनिंग विभाग की टीम ने 18 ट्रैक्टरों को जब्त किया, जो अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पकड़े गए। सभी जब्त वाहनों को देवभोग थाना के सुपुर्द कर दिया गया है।
ट्रैक्टर मालिकों का विरोध, SDM दफ्तर में मांगा समाधान
कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर मालिकों ने इसका कड़ा विरोध जताया। कई मालिक, जिनमें प्रह्लाद बीसी और सुशील पांडे शामिल हैं, ने SDM कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई को अनुचित बताया। उनका कहना था कि सरकार ने विधानसभा में पीएम आवास योजना के लिए रेत परिवहन को छूट देने की घोषणा की थी। सिनापली के विद्याधर ध्रुव जैसे कुछ चालकों ने पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी दिखाए, जिसमें आवास हितग्राहियों के लिए रेत परिवहन की अनुमति का उल्लेख था। हालांकि, अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर कार्रवाई को उचित ठहराया और उनकी दलीलों को खारिज कर दिया।

अवैध उगाही और नियमों की अनदेखी का आरोप
जानकारी के अनुसार, 10 जून को रेत परिवहन पर प्रतिबंध के बावजूद कुछ रेत माफियाओं द्वारा प्रति ट्रैक्टर 300 रुपये की अवैध उगाही की जा रही थी। कुछ मामलों में 600 रुपये की भंडारण रॉयल्टी पर्ची दी गई, लेकिन रेत का परिवहन भंडारण स्थल के बजाय सीधे रेत घाट से किया जा रहा था। पुरना पानी घाट पर रात के अंधेरे में फोकलेन और हाइवा के जरिए बेधड़क रेत की सप्लाई की शिकायतें भी सामने आईं।
शिकायतों पर कार्रवाई, अवैध उगाही पर चुप्पी
स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद माइनिंग विभाग ने दो शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की। हालांकि, अवैध उगाही और भंडारण नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। माइनिंग विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन पर कुछ हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है, लेकिन ट्रैक्टर मालिकों का कहना है कि उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में रेत परिवहन और अवैध उगाही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माइनिंग विभाग ने सख्ती बरतने का संकेत दिया है, लेकिन ट्रैक्टर मालिकों और स्थानीय लोगों के बीच असंतोष बना हुआ है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और क्या कदम उठाता है।
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