
नागालैंड विश्वविद्यालय के डीन के खिलाफ CBI ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया
मामला दर्ज
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नागालैंड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर और स्कूल ऑफ साइंसेज के डीन, डॉ. चित्त रंजन देब के खिलाफ 12 जुलाई, 2025 को भ्रष्टाचार के आरोप में एक मामला दर्ज किया है। उन पर वैज्ञानिक उपकरणों और उपभोग्य सामग्रियों की आपूर्ति के लिए निविदा प्रक्रिया में हेरफेर कर कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और रिश्वत लेने का आरोप है।
आरोपों का विवरण
सीबीआई के अनुसार, डॉ. देब, जो विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक और वनस्पति विज्ञान विभाग के संकाय सदस्य भी हैं, ने विश्वविद्यालय को वित्तीय नुकसान पहुंचाने और व्यक्तिगत लाभ कमाने के इरादे से भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। उन पर जम्मू के रविंद्र कुमार जैन से 2 लाख रुपये और गुलजार हुसैन से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप है।
तलाशी और बरामदगी
सीबीआई ने 12 जुलाई को असम के जोरहाट, नागालैंड के लुमानी और त्रिपुरा के अगरतला में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इन छापों के दौरान, रिश्वत लेनदेन और निविदा से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। यह दस्तावेज आरोपित और संलिप्त कंपनियों के कार्यालयों से प्राप्त हुए।
डीन का पृष्ठभूमि
57 वर्षीय डॉ. चित्त रंजन देब, त्रिपुरा के निवासी, 1997 में नागालैंड विश्वविद्यालय में व्याख्याता के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने त्रिपुरा विश्वविद्यालय से स्नातक और नॉर्थ-ईस्टर्न हिल विश्वविद्यालय, शिलांग से स्नातकोत्तर (1994) और पीएचडी (2000) की डिग्री प्राप्त की। वह कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
जांच की स्थिति
यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया है और इसे सीबीआई, एसीबी, गुवाहाटी को सौंपा गया है। जांच अभी जारी है, और वित्तीय रिकॉर्ड और खरीद फाइलों की गहन जांच की जा रही है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है, उनका कहना है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही आरोपों की जानकारी मिली है।
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