
छत्तीसगढ़: मिठाई-बिस्कुट का लालच देकर बच्चे की बलि, हत्यारा डेढ़ साल बाद गिरफ्तार
बलरामपुर, 16 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां अपने बीमार बच्चे को ठीक करने के लिए एक व्यक्ति ने मासूम बच्चे की बलि चढ़ा दी। पुलिस ने डेढ़ साल बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना सामरीपाठ में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महुआ फूल बीनने गया था परिवार
पुलिस के अनुसार, थाना सामरीपाठ के सुलुंगडीह, सबाग निवासी बिरेन्द्र नगेसिया (24 वर्ष) ने 6 जून 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ग्राम झलबासा के जंगल में महुआ फूल बीनने गया था। वहां उन्होंने झाला-झोपड़ी बनाकर डेरा डाला था। 1 अप्रैल 2025 को बिरेन्द्र प्राथमिक शाला सबाग में रसोई का काम करने गए थे। स्कूल से लौटने पर उनकी पत्नी दयामुनी ने बताया कि उनका बेटा अजय नगेसिया गायब हो गया है।
तंत्र-मंत्र के बहाने उलझाया
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी राजू कोरवा ने मृतक के दादा और झलबासा निवासी झल्लू के साथ मिलकर तंत्र-मंत्र का दावा किया। राजू ने कहा कि बच्चे को खोजने के लिए “बड़ा पूजा” करना होगा। इस बयान के आधार पर पुलिस ने राजू कोरवा से पूछताछ की। पहले उसने नशे की हालत में गलत बयान देने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों से मिले सुरागों के आधार पर कड़ी पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया।

मासूम को मिठाई का लालच देकर ले गया
आरोपी राजू कोरवा ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा बेटा बचपन से मिर्गी और मानसिक कमजोरी से पीड़ित था। उसने महादानी देवता को मानव बलि देने से बेटे के ठीक होने का विश्वास कर लिया था। घटना वाले दिन उसने झलबासा के रास्ते में अकेले जा रहे अजय नगेसिया को मिठाई-बिस्कुट का लालच देकर अपने घर ले गया। उसी दिन उसने बच्चे की बलि चढ़ा दी।
शव को जलाया, सिर को दफनाया
आरोपी ने बताया कि बलि देने के बाद उसने बच्चे के धड़ को बोरे में डालकर बोड़ादह कोना नाला में जला दिया। सिर को तीन दिन तक घर में छिपाकर रखा और फिर कपड़े में लपेटकर नाले के पास गड्ढा खोदकर दफना दिया। ऊपर से मिट्टी और 4-5 पत्थर रख दिए। पुलिस ने तहसीलदार सामरी की उपस्थिति में शव का उत्खनन कराया, जिसमें खोपड़ी के अवशेष मिले। साथ ही, आरोपी के घर से हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की छुरी भी बरामद की गई।
पुलिस की कार्रवाई
आरोपी राजू कोरवा के जुर्म कबूल करने और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह घटना समाज में अंधविश्वास की गहरी जड़ों को उजागर करती है, जिसके चलते एक मासूम की जान चली गई।
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