
सांसद की सख्त कार्रवाई: नशे में धुत प्रधान अध्यापक को मौके पर किया सस्पेंड
कांकेर में आश्रम का औचक निरीक्षण, उजागर हुआ गंभीर मामला
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के विकासखंड दुर्गुकोंदल अंतर्गत बालक आश्रम सुरूंगदोह में तैनात प्रधान अध्यापक एवं प्रभारी अधीक्षक ओकेश्वर चुरेन्द्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितता के बाद की गई। निरीक्षण के समय चुरेन्द्र को नशे की हालत में पाया गया, जिसके बाद सांसद ने त्वरित कार्रवाई की मांग की।
जांच में सामने आई आचरण नियमों की अवहेलना
सांसद की शिकायत पर मंडल संयोजक ने तुरंत जांच शुरू की और अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि चुरेन्द्र का व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (उप-नियम 1, 2, 3) का उल्लंघन करता है। जांच के आधार पर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कांकेर ने चुरेन्द्र को दोषी पाया और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया।

निलंबन अवधि में मुख्यालय तय निलंबन
अवधि के दौरान ओकेश्वर चुरेन्द्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में शिक्षा विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में कड़ा संदेश दिया गया है। सांसद भोजराज नाग ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आश्रम में बच्चों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
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