
दुर्ग जिले में DJ संचालकों को सख्त निर्देश: त्योहारों के लिए ध्वनि नियंत्रण पर जोर
दुर्ग, 16 जुलाई 2025:
दुर्ग जिले में डीजे संचालकों को सख्त निर्देश: त्योहारों के लिए ध्वनि नियंत्रण पर जोर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के निर्देशन में पुलिस नियंत्रण कक्ष, भिलाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दुर्ग और नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर द्वारा डीजे संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
शासकीय संपत्ति और अनुमति संबंधी नियम
बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी शासकीय संपत्ति या अन्य सुविधाओं का उपयोग करने के लिए संबंधित कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की वस्तु या सुविधा का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण
निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग क्षेत्र के परिवेश ध्वनि स्तर से 10 डी.बी.(ए) या 75 डी.बी.(ए) से अधिक नहीं होना चाहिए, जो भी कम हो। रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों और वाद्य यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

एन.जी.टी. और कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
डीजे संचालकों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एन.जी.टी.), कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985, द नॉइज़ पॉल्यूशन (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स, 2000, और माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा प्रकरण WPPIL©-88/2023 में 20 नवंबर 2023 को पारित निर्देशों का अनुपालन भी अनिवार्य होगा।
वाहनों पर वाद्य यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित
आयोजनों के दौरान वाहनों पर वाद्य यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि आयोजनों से आम जनता को असुविधा न हो और मार्ग अवरुद्ध न किया जाए। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में आयोजन का अभिमत स्वतः निरस्त हो जाएगा।
कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र (साइलेंस जोन)
जिला प्रशासन ने सभी शासकीय और अशासकीय अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, जिला एवं सत्र न्यायालयों, अन्य न्यायालयों, और शासकीय कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे को कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र (साइलेंस जोन) घोषित किया है। इन क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का विशेष रूप से पालन करना अनिवार्य होगा।
पुलिस अधिकारियों ने डीजे संचालकों को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम आगामी त्योहारों के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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