
दुर्ग पुलिस ने आयोजित की स्वास्थ्य कार्यशाला, बीपी, शुगर और मानसिक तनाव पर दिया जोर
दिनांक: 13 जुलाई 2025, रक्षित केंद्र, दुर्ग
दुर्ग पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मानसिक तनाव को कम करने के उद्देश्य से 13 जुलाई 2025 को रक्षित केंद्र, दुर्ग में एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, सेंट्रल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के निदेशक डॉ. प्रमोद गुप्ता, पुलिस अस्पताल के डॉ. सुधीर गांगेय और डायटिशियन सुश्री ऋचा जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस महानिरीक्षक का स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता संदेश
श्री राम गोपाल गर्ग ने अपने उद्बोधन में पुलिस कर्मियों को नियमित व्यायाम और स्वास्थ्य जांच पर जोर देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, शराब का सेवन बंद करने और सादा जीवन जीने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी से अच्छे कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने का भी आह्वान किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप की पहल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस और उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इस ग्रुप के माध्यम से कर्मचारी अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित निदान और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा सकेगी।
मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों की सलाह
सेंट्रल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के निदेशक डॉ. प्रमोद गुप्ता ने पुलिस कर्मियों में मानसिक तनाव, अवसाद और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों को समझाते हुए तनाव और नकारात्मक विचारों को दूर करने के उपाय सुझाए। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वह लंबे समय से पुलिस विभाग के साथ जुड़े हुए हैं और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देते रहे हैं।

जीवनशैली में बदलाव से बीपी और शुगर पर नियंत्रण
पुलिस अस्पताल, दुर्ग के डॉ. सुधीर गांगेय ने अपने संबोधन में जीवनशैली को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि रोजाना एक घंटे का व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाकर बीपी और शुगर जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने सभी को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
संतुलित आहार का महत्व
डायटिशियन सुश्री ऋचा जैन ने संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुझाव दिया कि सामान्य भोजन, सलाद, अंकुरित अनाज और कैल्शियम युक्त भोजन को दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए। शुगर के मरीजों को नियमित रूप से सलाद और फल खाने की सलाह दी गई, साथ ही खाली पेट या भोजन के तुरंत बाद फल न खाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री अभिषेक झा, उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्री अजय कुमार सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक (छावनी) श्री हरीश पाटिल, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी और रक्षित निरीक्षक श्री नीलकंठ वर्मा सहित कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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