
मुंबई सीमा शुल्क ने फिर रोकी वन्यजीव तस्करी, थाईलैंड से लौटे दो यात्रियों से दुर्लभ प्रजातियां बरामद
तस्करी का एक और प्रयास विफल
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर सीमा शुल्क जोन-III के अधिकारियों ने एक बार फिर वन्यजीव तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया। थाईलैंड से लौट रहे दो यात्रियों के सामान की जांच में दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियां बरामद की गईं। इस कार्रवाई में दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामद प्रजातियों में मीरकैट और दुर्लभ कछुआ शामिल
सीमा शुल्क अधिकारियों ने यात्रियों के सामान से तीन मीरकैट, दो ग्रेट बिल्ड तोते (मोलुकन तोते), दो सुमंत्रन धारीदार खरगोश और एक इंडोचाइनीज बॉक्स कछुआ बरामद किया। ये सभी प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित हैं। बरामद जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए रेस्क्यूइंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेलफेयर की मदद ली गई।
सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई
दोनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये यात्री एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारियों ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि इस तस्करी रैकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
वन्यजीव तस्करी पर बढ़ती चिंता
हाल के महीनों में मुंबई हवाई अड्डे पर वन्यजीव तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पालतू जानवरों की मांग के कारण तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में थाईलैंड-भारत मार्ग पर लगभग 7,000 जानवरों को जब्त किया गया है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
जानवरों को उनके मूल देश भेजने की प्रक्रिया
चूंकि बरामद प्रजातियां भारत की मूल निवासी नहीं हैं, इसलिए इन्हें उनके मूल देश थाईलैंड वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सीमा शुल्क अधिकारियों ने वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि इन जानवरों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा जा सके।
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