
पुणे के नामी बिल्डर पिता-पुत्र पर FIR: फर्जी दस्तावेजों से दूसरों की जमीन नगर निगम में गिरवी
मामला दर्ज
पुणे, 12 जुलाई 2025: पुणे के एक प्रतिष्ठित बिल्डर पिता-पुत्र की जोड़ी पर धोखाधड़ी और जालसाजी का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने उनके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरों की जमीन को नगर निगम में गिरवी रखने के मामले में FIR दर्ज की है। यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज की।
अपराध का विवरण
पुलिस के अनुसार, बिल्डर पिता-पुत्र ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और एक अन्य व्यक्ति की 2 एकड़ जमीन को नगर निगम में अपनी संपत्ति के रूप में पेश किया। इस जमीन का उपयोग उन्होंने एक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए लोन और मंजूरी प्राप्त करने में किया। इस धोखाधड़ी से न केवल पीड़ित को नुकसान हुआ, बल्कि नगर निगम को भी गुमराह किया गया।
पीड़ित की शिकायत
जमीन के मालिक, जो पुणे के एक व्यवसायी हैं, ने बताया कि उन्हें तब तक इस धोखाधड़ी का पता नहीं चला जब तक नगर निगम ने उनकी जमीन पर प्रोजेक्ट से संबंधित नोटिस जारी नहीं किया। जांच करने पर पता चला कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बिल्डर ने जमीन को अपने नाम पर रजिस्टर करवाया था। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज की।
पुलिस की कार्रवाई
पुणे पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। बिल्डर पिता-पुत्र के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), और 471 (फर्जी दस्तावेजों का उपयोग) के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उनके कार्यालयों की तलाशी भी ली जा रही है।
नगर निगम की भूमिका
नगर निगम ने इस मामले में अपनी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डर ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन को गिरवी रखकर कई नियमों का उल्लंघन किया है। नगर निगम अब उन सभी प्रोजेक्ट्स की जांच कर रहा है, जिनमें इस बिल्डर का नाम शामिल है, ताकि अन्य संभावित धोखाधड़ी का पता लगाया जा सके।
रियल एस्टेट सेक्टर पर प्रभाव
यह मामला पुणे के रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मचा रहा है, जहां पहले से ही कई बिल्डरों पर अनैतिक प्रथाओं के आरोप लगते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले उपभोक्ताओं का भरोसा कम करते हैं और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता की जरूरत को उजागर करते हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
आगे की जांच
पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश कर रही है। बिल्डर के बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है ताकि धोखाधड़ी की पूरी गहराई का पता लगाया जा सके। इस बीच, पीड़ित ने कोर्ट में भी याचिका दायर करने की बात कही है ताकि उनकी जमीन वापस मिल सके और दोषियों को सजा दी जाए।
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