
दुर्ग में नशे के खिलाफ अभियान: महिला रक्षा टीम ने स्कूल में किया जागरूकता कार्यक्रम
दुर्ग, 12 जुलाई 2025:
दुर्ग जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन विश्वास अभियान के तहत महिला रक्षा टीम ने रामनगर स्थित इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
नशे के दुष्प्रभाव और समाधान पर जोर
सहायक उपनिरीक्षक संगीता मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षिकाओं को नशे के उपयोग से होने वाली समस्याओं और इससे मुक्ति के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने नशे से बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों और सहायता केंद्रों की जानकारी दी, ताकि युवा नशे की लत से दूर रहें।

साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। संगीता मिश्रा ने बताया कि अनजान व्यक्तियों के साथ अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और इसके सेफ्टी फीचर्स के बारे में भी जागरूक किया गया। छात्रों को इमरजेंसी नंबर 112, 9479192099 और साइबर अपराध के लिए 1930 की जानकारी दी गई।

यातायात नियम और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान
महिला रक्षा टीम ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया। इसके साथ ही, पॉक्सो एक्ट और महिला संबंधी अपराधों के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया। छात्रों को सलाह दी गई कि वे अपनी समस्याओं को माता-पिता और शिक्षकों के साथ साझा करें, ताकि समय रहते समाधान हो सके।
अभिव्यक्ति ऐप का प्रचार-प्रसार
कार्यक्रम में अभिव्यक्ति ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई, जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। छात्रों को इस ऐप के उपयोग और इसके लाभों के बारे में बताया गया। साथ ही, महत्वपूर्ण इमरजेंसी नंबरों को अपने मोबाइल में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
प्रेरणा और प्रोत्साहन का संदेश
सहायक उपनिरीक्षक संगीता मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को जीवन में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करने और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान अपने शिक्षकों और परिवार के साथ मिलकर निकाला जा सकता है।
कार्यक्रम में भारी भागीदारी
इस जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 145 छात्र-छात्राएं, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और महिला रक्षा टीम के सदस्य शामिल हुए। सभी ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज में जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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