
एयर इंडिया विमान दुर्घटना: प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे
दुर्घटना का अवलोकन
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के मात्र 30 सेकंड बाद एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 260 लोगों की मौत हो गई, जबकि केवल एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया। विमानन इतिहास में यह भारत की सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक है।
पिछले चालक दल द्वारा दर्ज की गई खामियां

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान ने इससे पहले दिल्ली से अहमदाबाद के लिए उड़ान AI423 के रूप में उड़ान भरी थी। इस उड़ान के चालक दल ने टेक लॉग में “STAB POS XDCR” स्टेटस संदेश के लिए एक पायलट डिफेक्ट रिपोर्ट (PDR) दर्ज की थी। एयर इंडिया ने फॉल्ट आइसोलेशन मैनुअल (FIM) के अनुसार समस्या निवारण किया और विमान को उड़ान के लिए 0640 UTC पर रिलीज कर दिया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस खामी का दुर्घटना से कोई सीधा संबंध था।
कॉकपिट में भ्रम और ईंधन कटऑफ
AAIB की 15-पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से प्राप्त अंतिम बातचीत का खुलासा हुआ है। टेकऑफ के तुरंत बाद, दोनों इंजनों का ईंधन आपूर्ति स्विच “RUN” से “CUTOFF” स्थिति में चला गया, जिसके कारण इंजन बंद हो गए। एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “आपने कटऑफ क्यों किया?” जिसका जवाब मिला, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह संकेत देता है कि यह संभवतः एक तकनीकी खराबी या अनजाने में स्विच की गति थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का कटऑफ इंजनों को सेकंडों में बंद कर सकता है।

रैम एयर टरबाइन (RAT) का सक्रियण
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि विमान का रैम एयर टरबाइन (RAT) टेकऑफ के तुरंत बाद सक्रिय हो गया था, जो बिजली की विफलता के दौरान आपातकालीन बिजली प्रदान करता है। हालांकि, RAT केवल बुनियादी प्रणालियों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है और विमान को हवा में बनाए रखने के लिए कोई जोर प्रदान नहीं करता। यह इंजन से संबंधित संभावित तकनीकी खराबी की ओर इशारा करता है।
जांच का फोकस और सिमुलेशन
जांचकर्ता संभावित दोहरे इंजन विफलता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। एयर इंडिया के पायलटों ने एक सिमुलेटर में दुर्घटना की परिस्थितियों को फिर से बनाया, जिसमें लैंडिंग गियर को तैनात और विंग फ्लैप्स को वापस लिया गया, लेकिन पाया कि ये सेटिंग्स अकेले दुर्घटना का कारण नहीं बन सकती थीं। यह तकनीकी खराबी, विशेष रूप से इंजन या बिजली प्रणालियों में, को एक प्रमुख संभावित कारण के रूप में उजागर करता है।
ईंधन की जांच और रखरखाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान को रिफ्यूल करने के लिए उपयोग किए गए ब्राउज़र और टैंकों से लिए गए ईंधन के नमूने डीजीसीए की प्रयोगशाला में संतोषजनक पाए गए। इसके अलावा, विमान में कुछ गैर-महत्वपूर्ण रखरखाव मुद्दे (MEL) थे, लेकिन इनका ईंधन नियंत्रण स्विच से कोई संबंध नहीं था। हालांकि, बोइंग ने पहले ईंधन नियंत्रण स्विच लॉक के बारे में एक गैर-महत्वपूर्ण सलाह जारी की थी, जिसका एयर इंडिया ने निरीक्षण नहीं किया था।
भविष्य के कदम और प्रतिक्रिया
AAIB ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है, और एक संसदीय समिति इस हादसे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। एयर इंडिया ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और जांच में पूर्ण सहयोग का वादा किया है। बोइंग ने भी समर्थन की पेशकश की है। एक पूर्ण जांच रिपोर्ट एक वर्ष के भीतर अपेक्षित है, जो इस दुखद घटना के कारणों पर और प्रकाश डालेगी।
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