
नया इंटकवेल निर्माण: शिवनाथ नदी में जलकुंभी की समस्या का समाधान
दुर्ग, छत्तीसगढ़
दुर्ग नगर निगम ने शिवनाथ नदी में जलकुंभी और गंदगी के कारण बार-बार बाधित हो रही पेयजल सप्लाई की समस्या से निपटने के लिए नदी के मध्य में नए इंटकवेल निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव पर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने हाल ही में स्थल निरीक्षण किया। उनके साथ महापौर अल्का बाघमार, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद थे। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को तकनीकी जांच और रिपोर्ट तैयार करने, जबकि नगर निगम को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जलकुंभी से पेयजल सप्लाई में बाधा
हर बारिश के मौसम में पुलगांव नाले से बहकर आने वाली जलकुंभी और गाद के कारण दुर्ग शहर की पेयजल व्यवस्था प्रभावित होती है। पुलगांव नाला शिवनाथ नदी में उस स्थान पर मिलता है, जहां नगर निगम के मौजूदा इंटकवेल स्थापित हैं। गर्मियों में नाले में जमा जलकुंभी और गंदगी बारिश के पानी के दबाव के साथ नदी में पहुंचती है और इंटकवेल में फंस जाती है। इससे पेयजल सप्लाई का सिस्टम बाधित हो जाता है। इस बार भी लगातार तीन दिनों से शहर के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रही।

नदी के बीच इंटकवेल का प्रस्ताव
नगर निगम ने मौजूदा इंटकवेल्स की समस्या से बचने के लिए महमरा एनीकट के ठीक ऊपर, शिवनाथ नदी के मध्य में नया इंटकवेल बनाने का प्रस्ताव दिया है। यह स्थान पुलगांव नाले के मुहाने से दूर होने के कारण जलकुंभी और गंदगी के प्रभाव से बचा रहेगा। निगम प्रशासन का दावा है कि इससे पेयजल सप्लाई की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। कई अन्य शहरों में भी नदी के बीच इंटकवेल बनाए गए हैं, जिसके आधार पर यह प्रस्ताव तकनीकी रूप से व्यवहारिक माना जा रहा है।
नाला डायवर्सन अप्रभावी
पुलगांव नाले के प्रदूषण और गंदगी से निपटने के लिए 3.75 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया डायवर्सन सिस्टम भी पूरी तरह कारगर नहीं रहा।

यह अंडरग्राउंड पाइपलाइन केवल गंदे पानी को महमरा एनीकट के नीचे छोड़ने में सक्षम है, लेकिन जलकुंभी और गाद को रोकने में असफल रहा है। यही कारण है कि निगम ने नए इंटकवेल के निर्माण को स्थायी समाधान के रूप में प्रस्तावित किया है।
तीसरे दिन भी पेयजल संकट
जलकुंभी और कचरे के कारण इंटकवेल के सम्प में बार-बार रुकावट आ रही है, जिसके चलते गुरुवार को भी पेयजल सप्लाई प्रभावित रही। निगम के अनुसार, बार-बार मोटर बंद कर सम्प की सफाई करनी पड़ रही है। इससे फिल्टर प्लांट तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा, और शहर की अधिकतर टंकियों से सामान्य मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। कई इलाकों में पानी की कटौती कर सप्लाई की गई।
स्थायी समाधान की जरूरत
नगर निगम की जलकार्य प्रभारी लीना देवांगन ने कहा, “जलकुंभी और कचरे के कारण हर साल पेयजल सप्लाई में परेशानी आती है। इसे स्थायी रूप से हल करने के लिए नदी के बीच नया इंटकवेल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। कलेक्टर के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।”
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