February 1, 2026
छत्तीसगढ़ में Sub-Standard Phenytone Injection पर कार्रवाई, सप्लाई रोकी गई

छत्तीसगढ़ में Sub-Standard Phenytone Injection पर कार्रवाई, सप्लाई रोकी गई

Jul 10, 2025

रायपुर, 10 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने मिर्गी और सिर की चोट में झटके रोकने वाले Phenytone Sodium Injection की सप्लाई पर रोक लगा दी है। यह इंजेक्शन दिल्ली की सिस्टोकेम लेबोरेटरी द्वारा आपूर्ति किया गया था, जिसे सब-स्टैंडर्ड पाया गया। cgmsc ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और ऐहतियातन उसी कंपनी के अन्य बैच के स्टैंडर्ड इंजेक्शनों की सप्लाई भी अस्पतालों में रोक दी है।

सब-स्टैंडर्ड इंजेक्शन का खुलासा

CGMSC ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिस्टोकेम लेबोरेटरी को नोटिस जारी किया। नोटिस में पूछा गया है कि सब-स्टैंडर्ड इंजेक्शन की सप्लाई क्यों की गई और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों न की जाए। कंपनी को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

इंजेक्शन की गुणवत्ता पर सवाल

सब-स्टैंडर्ड पाए गए इंजेक्शन का ड्रग कोड डी 409 है, जिसका बैच नंबर सीपीवाय 2503 है। यह इंजेक्शन 1 मार्च 2025 को निर्मित हुआ और इसकी एक्सपायरी तारीख 28 फरवरी 2027 है। जांच में पाया गया कि कंपनी ने इसे पाउडर के बजाय लिक्विड फॉर्म में बनाया, जो इंडियन फार्माकोपिया (IP) के मानकों के अनुसार अमान्य है। हालांकि, बैच नंबर सीपीवाय 2502 की जांच में यह मानक गुणवत्ता वाला पाया गया।

अस्पतालों में सप्लाई पर रोक

CGMSC ने इस इंजेक्शन की सप्लाई रायपुर के आंबेडकर अस्पताल, डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, सभी जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में रोक दी है। साथ ही, सभी स्टॉक को वापस मंगाने का आदेश दिया गया है। नए बैच के इंजेक्शनों की आपूर्ति के लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं।

दोबारा जांच के लिए भेजे गए नमूने

ऐहतियात के तौर पर CGMSC ने दोनों बैचों के इंजेक्शनों को NABL प्रमाणित अन्य लैब में दोबारा गुणवत्ता जांच के लिए भेजा है। यदि इनमें भी खामियां पाई गईं, तो कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फेनीटोन इंजेक्शन का उपयोग

फेनीटोन सोडियम एक Life-Saving Anti-Epileptic इंजेक्शन है, जिसका उपयोग निम्नलिखित स्थितियों में किया जाता है:

  • लगातार या बार-बार दौरे पड़ने की स्थिति में।
  • ब्रेन सर्जरी से पहले या बाद में दौरे रोकने के लिए।
  • सिर की चोट या ब्रेन सर्जरी के बाद दौरे नियंत्रित करने में।
  • कुछ विशेष मामलों में कार्डियक अरिदमिया के इलाज में।

गुणवत्ता पर सख्ती जरूरी

सीजीएमएससी की प्रबंध निदेशक पद्मिनी भोई साहू ने कहा, “हम क्वॉलिटी बेस्ड दवाओं के वितरण पर विश्वास करते हैं। दिल्ली की कंपनी को सख्त चेतावनी दी गई है। यदि दोबारा जांच में इंजेक्शन सब-स्टैंडर्ड पाए गए, तो कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”

मरीजों की जान पर खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि लाइफ-सेविंग इंजेक्शनों के सब-स्टैंडर्ड होने से मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इस दवा की आपातकालीन उपयोगिता और न्यूरो थैरेपेटिक इंडेक्स के कारण इसके निर्माण में उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है।

👇👇हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix