
डौंडी में यूरिया वितरण में गड़बड़ी: निजी संगवारी कृषि केंद्र सील, किसानों का धरना
यूरिया वितरण में अनियमितता, किसानों में आक्रोश
डौंडी के मथाई चौक स्थित निजी संगवारी कृषि केंद्र में यूरिया वितरण में गड़बड़ी के चलते किसानों ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया। केंद्र संचालक ने 24 किसानों से पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर राशि वसूल की, लेकिन यूरिया खत्म होने की बात कहकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया। इससे नाराज किसानों ने दुकान के बाहर धरना शुरू कर दिया।
सहकारी समिति में भी यूरिया की किल्लत
डौंडी सहकारी समिति में मंगलवार को 438 और बुधवार को 225 बैग यूरिया वितरित किए गए, लेकिन चेक बुक में नाम दर्ज करने के बावजूद कई किसानों को दो दिनों से यूरिया नहीं मिला। इससे मजबूर होकर किसान निजी कृषि केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें महंगे दामों में यूरिया खरीदना पड़ रहा है।

किसानों ने उजागर की गड़बड़ी
धरने की सूचना पर डौंडी तहसीलदार देवेंद्र नेताम, RI SN सोनेश्वर और आवारी सर्कल आरआई भारत भूषण मौके पर पहुंचे। कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षक पवन कुमार यदु और ADEO प्रमिला ठाकुर की अनुपस्थिति में अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। किसानों ने बताया कि केंद्र द्वारा दी गई पर्चियों में गंभीर अनियमितताएं हैं। पर्ची नंबर 1816 में कोई तारीख नहीं थी, नंबर 1829 में 9-7-25 और नंबर 1940 में 7-6-25 अंकित था। कई किसानों को सादे कागज पर “3 बोरी बाद में देना है” लिखकर पिछले एक माह से टरकाया जा रहा है।
संचालक फरार, दुकान और गोदाम सील
केंद्र संचालक स्थिति भांपकर दुकान से गायब हो गया और शाम तक नहीं लौटा। कर्मचारियों ने संचालक की जानकारी देने से इनकार किया। पॉस मशीन भी दुकान से गायब थी और गोदाम में ताला लगा था। अधिकारियों ने गोदाम खोलने का प्रयास किया, लेकिन चाबी लेकर कर्मचारी भी चले गए। इसके बाद तहसीलदार ने थाना स्टाफ बुलवाकर पंचनामा बनाया और दुकान व गोदाम को सील कर दिया।

गोदाम में यूरिया स्टॉक, फिर भी गुमराह किया
केंद्र के कर्मचारी खोमेंद्र ने सील करने से पहले बताया कि गोदाम में यूरिया का स्टॉक मौजूद था। इससे साफ हुआ कि स्टॉक होने के बावजूद संचालक ने किसानों को दिनभर गुमराह किया। शाम 5 बजे जिला SDO महेश कुमार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब भी संचालक उपलब्ध नहीं था और उसने अधिकारियों का फोन भी रिसीव नहीं किया।
कांग्रेस नेता की तहसीलदार से नोंकझोंक
दुकान सील करने के दौरान कांग्रेस नेता कोमलेंद्र चंद्राकर और तहसीलदार के बीच नोंकझोंक हुई। चंद्राकर ने कहा कि अधिकारी चाहते तो शासकीय कार्य में बाधा डालने के तहत कार्रवाई कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। तहसीलदार ने मामले की जानकारी कलेक्टर को दी और आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश मांगे।
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