
मोदी, मोदी के नारों से गूंजा नामीबिया संसद: पीएम को मिला स्टैंडिंग ओवेशन
परिचय: ऐतिहासिक नामीबिया दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई 2025 को अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण में नामीबिया की यात्रा की। यह 27 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नामीबिया की पहली यात्रा थी। इस दौरान, उन्होंने नामीबिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जहां सांसदों ने “मोदी, मोदी” के नारों और तालियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। यह उनके तीसरे कार्यकाल में 16वां विदेशी संसद संबोधन था, जो भारतीय नेताओं में सबसे अधिक है।
सम्मान: नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नांडी-न्डैटवा ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एन्सिएंट वेल्विट्सचिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया। मोदी ने इसे भारत और नामीबिया के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक बताते हुए 140 करोड़ भारतीयों की ओर से स्वीकार किया। यह सम्मान उनकी 27वीं अंतरराष्ट्रीय मान्यता थी, जो भारत के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
संबोधन: साझा इतिहास और भविष्य की साझेदारी
मोदी ने अपने संबोधन में भारत और नामीबिया के साझा इतिहास पर प्रकाश डाला, खासकर दोनों देशों के औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष को। उन्होंने कहा, “हम दोनों ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और गरिमा व स्वतंत्रता को महत्व दिया।” उन्होंने भारत के संविधान की ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने एक गरीब परिवार से आए व्यक्ति को तीन बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया। साथ ही, उन्होंने नामीबिया की पहली महिला राष्ट्रपति के चुनाव की सराहना की।
क्रिकेट और साझेदारी: भविष्य की योजनाएं
मोदी ने क्रिकेट के उदाहरण का उपयोग करते हुए भारत-नामीबिया संबंधों की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारा द्विपक्षीय व्यापार 800 मिलियन डॉलर को पार कर चुका है, लेकिन जैसे क्रिकेट के मैदान पर, हम अभी सिर्फ वार्मअप कर रहे हैं। हम तेजी से और अधिक स्कोर करेंगे!” उन्होंने 2027 क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी के लिए नामीबिया को शुभकामनाएं दीं और नामीबिया के युवाओं के लिए उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना पर जोर दिया।
समझौते: स्वास्थ्य और उद्यमिता में सहयोग
मोदी और राष्ट्रपति नांडी-न्डैटवा ने स्वास्थ्य और उद्यमिता के क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इनमें नामीबिया में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना और स्वास्थ्य व चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग शामिल है। इसके अलावा, नामीबिया भारत की यूपीआई (UPI) प्रणाली को अपनाने वाला पहला अफ्रीकी देश बना, जिससे डिजिटल भुगतान में तेजी आएगी।
वैश्विक दक्षिण और सहयोग
मोदी ने वैश्विक दक्षिण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि भारत अफ्रीका को केवल कच्चे माल का स्रोत नहीं मानता, बल्कि वह साथ मिलकर विकास करना चाहता है। उन्होंने नामीबिया के विजन 2030 और हरमबी समृद्धि योजना के साथ सहयोग की बात कही। साथ ही, 1,700 से अधिक नामीबियाई लोगों को भारत में छात्रवृत्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभ मिलने का उल्लेख किया।
निष्कर्ष: मित्रता का नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी का नामीबिया दौरा दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करने वाला साबित हुआ। उनके संबोधन को 42 बार तालियों से नवाजा गया, जो भारत के बढ़ते वैश्विक कद को दर्शाता है। यह दौरा न केवल ऐतिहासिक था, बल्कि ऊर्जा, रक्षा, डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए द्वार खोलने वाला भी था।
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