
डिजिटल इंडिया, भोले उपयोगकर्ता: ऑनलाइन अज्ञानता की 1.1-Trillion डॉलर की लागत
10 जुलाई 2025
डिजिटल इंडिया की बढ़ती चुनौतियाँ
भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल ने देश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन ऑनलाइन अज्ञानता के कारण उपयोगकर्ताओं को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। एक हालिया अध्ययन के अनुसार, डिजिटल अशिक्षा के कारण भारत में उपयोगकर्ताओं को 1.1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। यह नुकसान साइबर धोखाधड़ी, डेटा उल्लंघन और ऑनलाइन घोटालों के कारण हुआ, जो भोले-भाले उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाते हैं।
ऑनलाइन अज्ञानता का बढ़ता खतरा
डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन अधिकांश उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। फिशिंग हमले, फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया घोटाले भोले उपयोगकर्ताओं को आसानी से निशाना बनाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण लोग आसानी से जालसाजों का शिकार बन रहे हैं, जिससे व्यक्तिगत और वित्तीय नुकसान बढ़ रहा है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
1.1 ट्रिलियन डॉलर का यह नुकसान न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी भारी पड़ रहा है। साइबर अपराधों के कारण छोटे व्यवसायों, स्टार्टअप्स और व्यक्तियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, डेटा चोरी और गोपनीयता उल्लंघन ने उपयोगकर्ताओं का डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा कम किया है, जो डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है।
साइबर अपराधों के प्रकार और उनके प्रभाव
फिशिंग ईमेल, फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स, और अनधिकृत लेनदेन साइबर अपराधों के प्रमुख रूप हैं। 2024 में, भारत में साइबर धोखाधड़ी के मामले 32% बढ़े, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के उपयोगकर्ता प्रभावित हुए। इन अपराधों ने न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाया, बल्कि लोगों में डिजिटल तकनीक के प्रति डर भी पैदा किया है।
डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता
इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञ डिजिटल साक्षरता अभियानों को बढ़ावा देने की सलाह दे रहे हैं। सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में ऑनलाइन सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने चाहिए। उपयोगकर्ताओं को पासवर्ड प्रबंधन, सुरक्षित ब्राउज़िंग और संदिग्ध लिंक की पहचान जैसे बुनियादी कौशल सिखाने की आवश्यकता है।
आगे की राह
डिजिटल इंडिया को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने साइबर सुरक्षा नीतियों को और सख्त करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वय केंद्र (NCCC) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) जैसे संगठन सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। साथ ही, जनता को जागरूक करने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने की योजना है, ताकि ऑनलाइन अज्ञानता की लागत को कम किया जा सके और डिजिटल भारत का सपना साकार हो सके।
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