
CBI ने अंतरराष्ट्रीय cyber अपराध syndicate का किया भंडाफोड़: Noida से मुख्य संचालक गिरफ्तार
नोएडा: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ऑपरेशन चक्र-V के तहत एक बड़े साइबर अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों को निशाना बनाकर तकनीकी सहायता घोटाला चला रहा था। नोएडा में छापेमारी के दौरान सिंडिकेट के मुख्य संचालक को गिरफ्तार किया गया है।
ऑपरेशन चक्र-V का विवरण
CBI ने 07 जुलाई 2025 को नोएडा में तीन स्थानों, जिसमें नोएडा विशेष आर्थिक क्षेत्र में संचालित एक धोखाधड़ी कॉल सेंटर शामिल था, पर समन्वित छापेमारी की। यह ऑपरेशन पीड़ितों के समय क्षेत्रों के साथ सावधानीपूर्वक समयबद्ध था, जिसके दौरान लाइव धोखाधड़ी कॉल का पता चला। विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर दर्ज मामले (आरसी 07/2025) में सिंडिकेट के सदस्य माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के तकनीकी सहायता कर्मचारी बनकर विदेशी नागरिकों को ठग रहे थे।
धोखाधड़ी का तंत्र
अपराधी विदेशी नागरिकों को फोन कर उनके उपकरणों में छेड़छाड़ का झूठा दावा करते थे और गैर-मौजूद तकनीकी समस्याओं को ठीक करने के बहाने पैसे ऐंठते थे। CBI ने इस सिंडिकेट को बेनकाब करने के लिए FBI, UK की नेशनल क्राइम एजेंसी और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर काम किया।

छापेमारी और सबूत
नोएडा में तलाशी के दौरान CBI ने उन्नत Calling Infrastructure , दुर्भावनापूर्ण स्क्रिप्ट और धोखाधड़ी के पैमाने को उजागर करने वाले दस्तावेज जब्त किए। Firstaldia नाम से संचालित यह कॉल सेंटर तकनीकी रूप से परिष्कृत था, जो सीमा पार गुमनामी बनाए रखने और बड़े पैमाने पर लोगों को ठगने में सक्षम था।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
सिंडिकेट के प्रमुख सहयोगी को CBI ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे 08 जुलाई 2025 को विशेष CBI अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने इस मामले में और गहन जांच शुरू कर दी है ताकि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
CBI का संकल्प
CBI ने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ऑपरेशन चक्र-V जैसी पहलों के माध्यम से ब्यूरो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर साइबर अपराधियों पर नकेल कसने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने का प्रयास कर रहा है।
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