
केरल की महिला वन अधिकारी ने 6 मिनट में 15 फीट लंबे किंग कोबरा को किया रेस्क्यू
साहसिक रेस्क्यू का विवरण
तिरुवनंतपुरम, 8 जुलाई 2025: केरल के पेप्पारा क्षेत्र में एक साहसी कारनामे ने सभी को हैरान कर दिया, जब वन विभाग की बीट फॉरेस्ट ऑफिसर जी.एस. रोशनी ने अकेले ही 14-15 फीट लंबे और लगभग 20 किलोग्राम वजन वाले किंग कोबरा को सिर्फ छह मिनट में रेस्क्यू कर लिया। यह रोशनी का पहला किंग कोबरा रेस्क्यू था, जो उनकी लगभग आठ साल की सेवा में 800 से अधिक सांपों को बचाने के अनुभव में एक नया अध्याय जोड़ता है।
घटना का स्थान और समय
यह घटना रविवार, 6 जुलाई 2025 को पेप्पारा के पास अंचुमारुथुमूडु में एक नाले के किनारे घटी, जहां स्थानीय लोग नहाते समय इस विशालकाय और अत्यधिक जहरीले सांप को देखकर दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही केरल वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) की सदस्य रोशनी तुरंत मौके पर पहुंचीं। उनके पास केवल एक हुक वाली छड़ी और एक बड़ा बैग था, जिसके सहारे उन्होंने इस खतरनाक सांप को बिना किसी सुरक्षात्मक उपकरण के काबू कर लिया।
रेस्क्यू का वायरल वीडियो
रेस्क्यू का वीडियो, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, में रोशनी को सांप की पूंछ पकड़कर उसे धीरे-धीरे बैग में डालते हुए देखा जा सकता है। एक समय पर, जब सांप बैग में जाने से हिचक रहा था, रोशनी ने बड़े ही शांत स्वर में सांप से “प्लीज” कहकर अनुरोध किया, जो दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इस साहसिक कार्य ने न केवल उनकी निपुणता को दर्शाया, बल्कि उनके धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण को भी उजागर किया।
रोशनी का अनुभव और बयान
रोशनी ने पीटीआई को बताया, “यह एक परिपक्व सांप था, जो दक्षिणी केरल में शायद ही देखा जाता है। यह मेरा पहला किंग कोबरा रेस्क्यू था।” सांप को दोपहर 12:30 बजे पकड़ा गया और बाद में उसे गहरे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जहां लोग रोशनी की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी ट्वीट कर उनकी प्रशंसा की और केरल सरकार से उनके इस असाधारण सेवा के लिए सम्मान की मांग की। हालांकि, कुछ लोगों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरणों की कमी पर चिंता जताई, क्योंकि रोशनी ने बिना किसी सुरक्षात्मक गियर के यह रेस्क्यू किया।
लोगों की टिप्पणियां
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “यह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सैल्यूट है मैडम जी को!” वहीं, एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “जो लोग छिपकली और कॉकरोच से डरते हैं, उन्हें रोशनी से सीखना चाहिए।”
रोशनी का प्रशिक्षण और विशेषज्ञता
रोशनी, जो 2019 में वन विभाग द्वारा आयोजित विशेष सांप रेस्क्यू प्रशिक्षण से सुसज्जित हैं, ने पायथन, वाइपर और कोबरा जैसे सांपों को संभालने में महारत हासिल की है। उनके इस साहसिक कार्य ने न केवल केरल वन विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सही प्रशिक्षण और हिम्मत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
वन्यजीव संरक्षण में महिलाओं की भूमिका
यह घटना न केवल रोशनी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को संभालने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है।
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