
बेंगलुरु में फिर ‘दर्शन केस’ जैसी घटना: अश्लील मैसेज भेजने पर युवक को अगवा कर पीटा, 8 गिरफ्तार
बेंगलुरु , 07 जुलाई 2025
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक बार फिर ‘दर्शन केस’ की याद ताजा करने वाली घटना सामने आई है। एक युवक, जिसका नाम कुशाल बताया जा रहा है, को उसकी पूर्व प्रेमिका को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में 8 से 10 लोगों के समूह ने अगवा कर बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने न केवल कुशाल को निर्वस्त्र किया, बल्कि उसकी निजी अंगों पर भी प्रहार किया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस मामले में सोलदेवनहल्ली पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना 30 जून को बेंगलुरु के नेलमंगला तालुक के सोलदेवनहल्ली इलाके में हुई। कुशाल ने अपनी पूर्व प्रेमिका को अश्लील मैसेज भेजे थे, जिसके बाद युवती ने अपने वर्तमान प्रेमी और उसके दोस्तों को इसकी जानकारी दी। गुस्साए समूह ने कुशाल को बातचीत के बहाने एक कार में अगवा किया और उसे एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां, हमलावरों ने कुशाल को निर्वस्त्र किया, लाठियों और डंडों से उसकी पिटाई की, और उसकी निजी अंगों को भी निशाना बनाया। हमलावरों ने कथित तौर पर रेणुकास्वामी हत्या मामले का जिक्र करते हुए कुशाल को उसी तरह मार डालने की धमकी दी।
दर्शन केस से प्रेरित?

यह हमला पिछले साल कन्नड़ अभिनेता दर्शन और उनकी प्रेमिका पवित्रा गौड़ा से जुड़े रेणुकास्वामी हत्या मामले से प्रेरित बताया जा रहा है। रेणुकास्वामी, जो दर्शन का प्रशंसक था, ने पवित्रा गौड़ा को अश्लील मैसेज भेजे थे, जिसके बाद उसे अगवा कर प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गई थी। उसका शव बेंगलुरु के सुमनहल्ली में एक नाले के पास मिला था। इस मामले में दर्शन और 16 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान मामले में, हमलावरों ने कथित तौर पर वीडियो में खुद को ‘आरोपी नंबर एक, दो और तीन’ कहकर रेणुकास्वामी मामले की नकल की।
पुलिस की कार्रवाई
वायरल वीडियो के आधार पर सोलदेवनहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया और आठ लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की भी शामिल है, जिसे महिला पुनर्वास केंद्र भेजा गया है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला वास्तव में रेणुकास्वामी मामले से प्रेरित था।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
यह घटना बेंगलुरु में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि यह न केवल व्यक्तिगत विवादों की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले समाज में हिंसक व्यवहार को प्रेरित कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस मामले को और सुर्खियों में ला दिया है। लोग इस घटना की तुलना दर्शन केस से कर रहे हैं और इसे एक खतरनाक प्रवृत्ति के रूप में देख रहे हैं।
आगे क्या?
पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है। कुशाल के साथ हुई इस बर्बरता ने एक बार फिर ऑनलाइन उत्पीड़न और उससे उत्पन्न होने वाली हिंसा पर सवाल उठाए हैं। यह मामला समाज में नैतिकता, कानूनी जवाबदेही और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है। आने वाले दिनों में कोर्ट की सुनवाई और पुलिस की जांच से इस मामले में और तथ्य सामने आएंगे।
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