
‘मैंने मेहनत करके बनाया विधायक, बेवफा निकली बीबी…’ दमोह की पूर्व विधायक के पति ने कोर्ट से लगाई गुहार
7 जुलाई 2025
दमोह, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से पूर्व भाजपा विधायक सोना बाई अहिरवाल के पति सेवक राम अहिरवाल ने अपनी पत्नी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सेवक राम ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पत्नी को विधायक बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन सफलता मिलने के बाद सोना बाई ने उन्हें छोड़ दिया और अब उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया है।
सेवक राम, जो कि शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने दमोह के कुटुंब न्यायालय में गुजारा भत्ता की मांग को लेकर याचिका दायर की है। उन्होंने कोर्ट से हर महीने 25,000 रुपये गुजारा भत्ता देने की मांग की है। उनके वकील नितिन मिश्रा के अनुसार, कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है और जल्द ही पूर्व विधायक सोना बाई को नोटिस जारी कर तलब किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
सेवक राम ने कोर्ट में दावा किया कि उन्होंने अपनी पत्नी सोना बाई को 2003 से 2008 तक पथरिया से भाजपा विधायक बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल जोड़-तोड़ किए, बल्कि भाजपा नेताओं से संपर्क स्थापित कर सोना बाई को राजनीति में स्थापित करने में मदद की। लेकिन, विधायक बनने के बाद सोना बाई का व्यवहार बदल गया और 2009 में उन्होंने सेवक राम को छोड़ दिया।

सेवक राम ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बयान करते हुए कहा, “मैंने अपनी पत्नी को विधायक बनाने के लिए सब कुछ किया। लेकिन जैसे ही उन्हें सफलता मिली, उन्होंने मुझे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और फिर पूरी तरह छोड़ दिया। अब मेरे पास कोई आय का साधन नहीं है, और मैं गुजारा भत्ता मांग रहा हूं।”
सोना बाई का पक्ष
पूर्व विधायक सोना बाई अहिरवाल, जो अभी भी भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं और जिले व प्रदेश स्तर पर विभिन्न समारोहों में भाग लेती हैं, इस मामले में अभी तक मीडिया के सामने नहीं आई हैं। कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद अब उनके जवाब का इंतजार है।
कोर्ट की कार्रवाई
सेवक राम के वकील नितिन मिश्रा ने बताया कि उनके मुवक्किल की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वह दिव्यांग होने के कारण कोई स्थायी आय नहीं कमा पा रहे हैं। वहीं, सोना बाई के पास आय और संपत्ति के पर्याप्त साधन हैं। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया है, और अब विधिवत सुनवाई के बाद इस मामले में फैसला लिया जाएगा।
समाज में चर्चा का विषय
यह मामला दमोह जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे एक अनोखे मामले के रूप में देख रहे हैं, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद की, लेकिन बाद में उसे ही उपेक्षित कर दिया गया। यह मामला न केवल व्यक्तिगत रिश्तों की जटिलताओं को उजागर करता है, बल्कि समाज में लैंगिक भूमिकाओं और अपेक्षाओं पर भी सवाल उठाता है।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। क्या सोना बाई इस मामले में कोई जवाब देंगी? क्या सेवक राम को गुजारा भत्ता मिलेगा? इन सवालों के जवाब कोर्ट की कार्रवाई के बाद ही मिल पाएंगे। तब तक यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति और सामाजिक चर्चाओं में सुर्खियां बटोरता रहेगा।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



