
बिहार को बना दिया भारत की क्राइम कैपिटल, खेमका हत्याकांड पर राहुल गांधी का नीतीश सरकार पर हमला
6 जुलाई 2025:
पटना: बिहार की राजधानी पटना में प्रमुख व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस हत्याकांड को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, “पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को ‘भारत की क्राइम कैपिटल’ बना दिया है। आज बिहार लूट, गोली और हत्या के साए में जी रहा है। अपराध यहां ‘नया नॉर्मल’ बन चुका है और सरकार पूरी तरह नाकाम है।”
हत्या ने खोली कानून-व्यवस्था की पोल
यह घटना शुक्रवार (4 जुलाई 2025) की रात करीब 11:40 बजे गांधी मैदान थाना क्षेत्र में हुई। गोपाल खेमका, जो मगध अस्पताल के मालिक और एक जाने-माने उद्योगपति थे, अपनी कार से उतर रहे थे, तभी बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने न केवल व्यवसायी समुदाय में आक्रोश पैदा किया है, बल्कि आम जनता में भी डर का माहौल है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा, “बिहार के भाइयों और बहनों, यह अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जो सरकार आपके बच्चों की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह आपके भविष्य की जिम्मेदारी भी नहीं ले सकती। हर हत्या, हर लूट, हर गोली – एक चीख है बदलाव की। अब वक्त है एक नए बिहार का, जहां डर नहीं, तरक्की हो।”
विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस घटना पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश सरकार के शासन में अब तक 65,000 से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं, और अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पटना पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एसपी सिटी सेंट्रल कर रहे हैं। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने दावा किया है कि अगले एक-दो दिनों में इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है और एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे सुपारी किलिंग और जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है।
परिवार का आक्रोश, सात साल पहले बेटे की भी हत्या
गोपाल खेमका के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके छोटे भाई संतोष खेमका ने कहा कि घटना के डेढ़ घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। गौरतलब है कि सात साल पहले गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका मामला अभी तक अनसुलझा है।
राजनीतिक माहौल गर्म
यह हत्याकांड बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्ष इसे नीतीश सरकार की नाकामी के रूप में पेश कर रहा है, जबकि सरकार ने दावा किया है कि कानून-व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले में त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं, और बिहार पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में बढ़ते अपराध और असुरक्षा के माहौल को उजागर किया है। जनता अब सवाल उठा रही है कि अगर राजधानी में एक प्रभावशाली व्यवसायी सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?
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