
पटना में उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या: पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल
शहर में सनसनीखेज वारदात
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार देर रात गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास मशहूर उद्योगपति गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज घटना शहर के व्यस्त इलाके में हुई, जो गांधी मैदान थाने से महज 600 मीटर की दूरी पर है। गोपाल खेमका, जो हेल्थकेयर व्यवसायी और मगध अस्पताल के मालिक थे, बांकीपुर क्लब से अपने घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार के पास गोली मार दी। इस घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है।
पुलिस की देरी पर परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद पुलिस की देरी से पहुंचने पर खेमका परिवार और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। गोपाल खेमका के भाई शंकर खेमका ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना देने के बावजूद गांधी मैदान थाना की पुलिस रात करीब डेढ़ बजे पहुंची, टाउन DSP 2 बजे और पटना सिटी एसपी ढाई बजे मौके पर आए। शंकर खेमका ने कहा, हमें नहीं लगता कि उनकी किसी से दुश्मनी थी। पुलिस की निष्क्रियता समझ से परे है। हमने खुद पुलिस को बताया कि गोली कहां चली और खोखा कहां गिरा। इसके बाद पुलिस ने ईंटों से घेराबंदी शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें हेलमेट पहने एक शूटर को खेमका की कार के पास गोली मारते और स्कूटी से फरार होते देखा गया। फुटेज के अनुसार, शूटर ने पहले से घात लगाकर खेमका का इंतजार किया और कार रुकते ही 6 सेकंड में गोली मारकर भाग गया। पुलिस ने घटनास्थल से दो खाली कारतूस बरामद किए हैं और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। टाउन डीएसपी-2 प्रकाश ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
परिवार पर दूसरी बड़ी त्रासदी
यह हत्या इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी मस्तु सिंह की भी बाद में हत्या हो गई थी, और हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। परिवार पर यह दूसरा बड़ा हमला है, जिसने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राजनीतिक हलकों में हड़कंप, विपक्ष का सरकार पर हमला
घटना के बाद भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने खेमका परिवार से मुलाकात की और कहा, “6 साल में पिता-पुत्र दोनों की हत्या होना सिर्फ दुर्भाग्य नहीं, बल्कि गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल कराना चाहिए।” उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी वारदात शहर के बीचों-बीच होना और पुलिस का समय पर न पहुंचना चिंताजनक है। वहीं, सांसद पप्पू यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “महा-जंगलराज” करार दिया। बिहार डीजीपी विनय कुमार ने मामले की जांच के लिए सिटी एसपी (सेंट्रल) दीक्षा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है।
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