
रायपुर पुलिस ने पकड़ा ATM Tampering का मास्टरमाइंड, हजारों की चोरी का खुलासा
रायपुर, 4 जुलाई 2025
रायपुर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ATM टैम्परिंग गिरोह के सरगना विश्वजीत सोमकुंवर को नागपुर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और थाना आमानाका पुलिस की संयुक्त टीम ने की, जिसने टाटीबंध के IDBI बैंक के ATM में छेड़छाड़ कर ग्राहकों के पैसे चुराने की घटना को अंजाम दिया था।
ATM टैम्परिंग का अनोखा तरीका
आरोपी विश्वजीत सोमकुंवर ने यूट्यूब से ATM टैम्परिंग की तकनीक सीखी थी। वह ATM के मनी डिस्पेंसिंग स्लॉट पर काली पट्टी या रेडियम स्ट्रिप्स लगाकर ग्राहकों द्वारा निकाले गए पैसे को फंसाता था। जब ग्राहक पैसे न निकलने की शिकायत कर चले जाते, वह मौके का फायदा उठाकर फंसे हुए पैसे चुरा लेता था। इस तकनीक से उसने रायपुर और नागपुर में कई बैंकों के ATM से हजारों रुपये की चोरी की।

पहले भी कई बैंकों को बनाया निशाना
पूछताछ में खुलासा हुआ कि विश्वजीत ने रायपुर के पंडरी स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आमानाका के बैंक ऑफ इंडिया और आजाद चौक के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ATM में भी टैम्परिंग कर चोरी की थी। इसके अलावा, नागपुर में भी उसने कई ATM को निशाना बनाया था।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
IDBI बैंक की शाखा प्रबंधक श्रीमती अमृता मिढा ने 23 जून 2025 को थाना आमानाका में शिकायत दर्ज की थी। ग्राहकों ने बताया कि ATM से पैसे निकालने की कोशिश में उनका पैसा खाते से कट गया, लेकिन मशीन से नहीं निकला। CCTV फुटेज की जांच में एक संदिग्ध व्यक्ति द्वारा ATM में छेड़छाड़ करते हुए देखा गया। इसके आधार पर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय जांच शुरू की, जिसके बाद आरोपी की पहचान विश्वजीत सोमकुंवर के रूप में हुई।

गिरफ्तारी और बरामद सामग्री
नागपुर से गिरफ्तार किए गए विश्वजीत के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं:
- 3 ATM कार्ड
- 9 काली पट्टियां
- 8 रेडियम स्ट्रिप्स
- 1 मोबाइल फोन
- 1 कैंची, 1 बेलना, और 1 बैग
आरोपी के खिलाफ थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 204/25, धारा 331(1), 305(ई) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) डी.आर. पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संदीप मित्तल, और अन्य अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। ACCU और थाना आमानाका की संयुक्त टीम ने CCTV फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, और स्थानीय पूछताछ के जरिए आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
शामिल पुलिस टीम
कार्रवाई में निरीक्षक परेश कुमार पांडेय (प्रभारी ACCU), निरीक्षक सुनील दास (थाना प्रभारी आमानाका), और उनकी टीम के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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