
गरियाबंद। 7 साल 11 महीने की मासूम बच्ची से रेप, दरिंदा बुजुर्ग को आजीवन कारावास की सजा
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना का न्याय हुआ है। फिंगेश्वर के 50 वर्षीय आरोपी विश्राम निषाद ने 7 साल 11 महीने की नाबालिग बच्ची के साथ सुनसान खेत में जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत कठोर आजीवन कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी के अनुसार, पीड़िता की मां ने थाना फिंगेश्वर में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि कक्षा दूसरी पढ़ने वाली उनकी नाबालिग बेटी (उम्र 7 वर्ष 11 माह) को शाम करीब 5:30 बजे आरोपी विश्राम निषाद ने अकेला पाकर सुनसान खेत में ले जाकर जबरदस्ती बलात्कार किया। इस आधार पर थाना फिंगेश्वर में अपराध दर्ज किया गया।

जांच पूरी कर अभियोग पत्र पेश
उपपुलिस अधीक्षक निशा सिन्हा और निरीक्षक नवीन राजपूत ने मामले की गहन जांच की। जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने कुल 12 साक्षियों के बयान कराए, जिनके आधार पर न्यायालय ने घटना को पूर्णतः प्रमाणित माना।
विशेष न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एवं बलात्कार मामले) के पीठासीन न्यायाधीश यशवंत वासनीकर ने प्रकरण की गंभीरता, पीड़िता की छोटी उम्र और मजबूत साक्ष्यों का परीक्षण कर आरोपी विश्राम निषाद को दोषी करार दिया।
पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कठिन आजीवन कारावास (20 वर्ष से कम नहीं, शेष प्राकृतिक जीवन अवधि तक) और 2,000 रुपये अर्थदंड।
अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत भी आजीवन कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड।
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