
तेलंगाना फैक्ट्री विस्फोट: सिगाची इंडस्ट्रीज में 40 की मौत, 33 घायल; कंपनी और सरकार ने की मुआवजे की घोषणा
संगारेड्डी, 2 जुलाई , 2025
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पशम्यलारम औद्योगिक क्षेत्र में सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड के फार्मा प्लांट में सोमवार (30 जून 2025) को हुए भीषण विस्फोट में 40 लोगों की मौत हो गई और 33 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कंपनी ने इस दुखद हादसे की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजे की घोषणा की है। इसके साथ ही, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है।
कंपनी का बयान

सिगाची इंडस्ट्रीज ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हमें गहरे दुख के साथ बताना है कि पशम्यलारम स्थित हमारे प्लांट में हुई दुर्घटना में हमारी टीम के 40 सदस्यों की जान चली गई और 33 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हम दुर्घटना के बाद से ही आपातकालीन प्रतिक्रिया, परिवारों की सहायता, और जांच में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।” कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह हादसा रिएक्टर विस्फोट के कारण नहीं हुआ, जैसा कि कुछ मीडिया में बताया गया। जांच पूरी होने तक सही जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही, प्लांट में अगले 90 दिनों तक परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित रहेगा। कंपनी ने घायलों को पूर्ण चिकित्सा और पुनर्वास सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्राथमिकी दर्ज, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
विस्फोट में मारे गए एक कर्मचारी के परिवार के सदस्य की शिकायत के आधार पर संगारेड्डी पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (हत्या के बराबर नहीं), 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), और 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी पुराने और असुरक्षित मशीनरी का उपयोग कर रही थी, जिसके बारे में कर्मचारियों ने प्रबंधन को पहले ही चेतावनी दी थी। इसके अलावा, तेलंगाना अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्लांट के पास अग्निशमन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) नहीं था और वहां पर्याप्त सुरक्षा उपाय, जैसे अग्नि अलार्म और हीट सेंसर, मौजूद नहीं थे।
मुख्यमंत्री की कार्रवाई और मुआवजा

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को विस्फोट स्थल का दौरा किया और घायलों से अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने कंपनी प्रबंधन की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा, “राज्य सरकार कंपनी के साथ मिलकर मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा सुनिश्चित करेगी। गंभीर रूप से घायल लोगों को 10 लाख रुपये और मामूली चोट वाले कर्मचारियों को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।” इसके अलावा, तत्काल राहत के लिए मृतकों के परिजनों को 1 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए गए हैं।
सीएम ने एक उच्चस्तरीय पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें मुख्य सचिव, विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन), प्रधान सचिव (श्रम), प्रधान सचिव (स्वास्थ्य), और अतिरिक्त डीजीपी (अग्निशमन सेवाएं) शामिल हैं। यह समिति विस्फोट के कारणों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देगी। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच सामान्य धारणाओं पर नहीं, बल्कि ठोस कारणों पर आधारित होनी चाहिए।
विस्फोट का कारण और जांच
जांचकर्ताओं का मानना है कि विस्फोट का कारण स्प्रे ड्रायर में दबाव का निर्माण और रासायनिक धूल कणों का तेजी से प्रज्वलन हो सकता है। हालांकि, कंपनी ने रिएक्टर विस्फोट की खबरों का खंडन किया है। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि कई कर्मचारी 100 मीटर दूर जा गिरे और औद्योगिक शेड पूरी तरह ढह गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और पीड़ित
विस्फोट के समय प्लांट में 143 कर्मचारी मौजूद थे। अब तक केवल 14 शवों की पहचान हो पाई है, बाकियों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग की जा रही है। मृतकों में अधिकांश ओडिशा, बिहार, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, और तेलंगाना के थे। 34 घायल विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और अग्निशमन विभाग के 300 से अधिक कर्मी शामिल हैं।
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