
कोरबा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे म्यूल अकाउंट का खुलासा
कोरबा। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की रकम हासिल करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी ठग गिरोहों को अपने बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराते थे।

क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें खाताधारक पैसों के लालच में साइबर ठगों को इस्तेमाल के लिए दे देते हैं। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने और असली अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए किया जाता है। यह एक गंभीर और दंडनीय अपराध है।
गृह मंत्रालय के पोर्टल से मिली अहम जानकारी
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कोरबा पुलिस म्यूल अकाउंट्स पर लगातार निगरानी कर रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि थाना कुसमुंडा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों ने नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को सौंप दिया था।

संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
पर्याप्त सबूत मिलने के बाद साइबर पुलिस थाना कोरबा और थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में—
•एमडी तवरेज (23 वर्ष), पिता – एम.डी. गयासुद्दीन, निवासी आनंद नगर, कुसमुंडा
•पुष्पेंद्र साहू (22 वर्ष), पिता – श्याम सुंदर साहू, निवासी आनंद नगर
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